नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व रिजर्व बैंक (आरबीआइ) ने गैर- बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) के लिये लाभांश घोषित करने के बारे में दिशानिर्देश का मसौदा जारी किया है।

इसका मकसद इन कंपनियों के लिए वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। प्रस्तावित नियमों के मुताबिक सिर्फ उन्हीं एनबीएफसी को लाभांश की घोषणा और उसके वितरण की इजाजत होगी जो निर्धारित नियमों पर खरा उतरेंगी।
नए मसौदा नियमों के मुताबिक लाभांश घोषित करने वाली एनबीएफसी का एनपीए अनुपात उस वित्त वर्ष समेत पिछले तीन वर्षो के दौरान छह प्रतिशत से कम होना चाहिए।
आरबीआइ ने इस मसौदा सर्कुलर पर संबंधित पक्षों से 24 दिसंबर तक टिप्पणियां आमंत्रित की हैं। कोर इंवेस्टमेंट कंपनी (सीआइसी) के लिए भी उसकी बैलेंस सीट में कुल जोखिम वाली संपत्तियों का कम से कम 30 प्रतिशत तक एडजस्टेड नेटवर्थ (एएनडब्ल्यू) होने की बात कही गई है। बैलेंस सीट से बाहर के लिये भी शर्त तय की गई है।








