Saturday, May 23, 2026
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एच1बी वीजा: मेहरबान हुए ट्रंप अमेरिका में 7.5 लाख भारतीयों के लिए खुशखबरी

वाशिंगटन। भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी पेशेवरों के लिए राहत की खबर है। अमेरिकी अधिकारियों ने आज कहा कि ट्रंप प्रशासन ऐसे किसी भी प्रस्ताव पर विचार नहीं कर रहा है जिसमें एच-1बी वीजा धारकों को देश छोडऩे पर मजबूर किया जाए। अमेरिकी नागरिकता एवं आव्रजन सेवा (यूएससीआईएस) की ओर से यह घोषणा ऐसे समय की गई है जब इस तरह के समाचार आ रहे थे कि ट्रंप प्रशासन एच-1बी वीजा नियमों को सख्त बनाने पर विचार कर रहा है।

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ट्रंप प्रशासन ने दी लाखों भारतीयों को गुड न्यूज 
विदेशी लोगों के लिए एच1बी वीजा को देखनेवाली एजेंसी यूएस सिटिजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज (यूएससीआईएस) के चीफ ऑफ मीडिया रिलेशंस जॉनाथन ने बताया- यूएसआईसीएस की तरफ से एसी-21 की धारा 104 (सी) जो विदेशी नागरिक को एच1बी वीजा पर छह साल से ज्यादा रहने की इजाजत देता है उसमें किसी तरह के बदलाव पर विचार नहीं किया जा रहा है।  इस घोषणा के बाद अमेरिका में काम कर रहे और भारत से यूएस जाकर काम करने का सपना देखने वाले भारतीयों के लिए यह बहुत ही राहत की खबर है। ट्रंप प्रशासन की इस घोषणा के बाद लाखों भारतीय इस गुड न्यूज को शेयर कर रहे हैं।

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करीब 7.5 लाख भारतीयों को लौटना पड़ सकता था भारत
अमेरिकी नागरिकता एवं आव्रजन सेवा (यूएससीआईएस) की ओर से यह घोषणा ऐसे समय की गई है जब इस तरह के समाचार आ रहे थे कि ट्रंप प्रशासन एच-1बी वीजा नियमों को सख्त बनाने पर विचार कर रहा है। इन नियमों की सख्ती से 7,50,000 भारतीयों को देश छोडऩा पड़ सकता है।   इस रिपोर्ट में कहा गया था कि अमेरिकी प्रशासन एच-1बी वीजा धारकों की वीजा अवधि बढ़ाने के प्रावधान को समाप्त करने पर विचार कर रहा है। अमेरिकी विभाग ने कहा, ‘‘वह ऐसे किसी नियामकीय बदलाव पर विचार नहीं कर रहा है जिससे एच-1बी वीजा धारकों को अमेरिका छोडऩा पड़े।

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ओबामा सरकार ने बनाया था प्रवाधन 
बता दें कि फरवरी 2015 में ओबामा सरकार ने अमरीका में रह रहे प्रफेशनलों के ऊपर आर्थिक दबाव को कम करने के उद्देश्य से निर्भर पति-पत्नियों को काम करने की छूट का प्रावधान बनाया था। इसके तहत ग्रीन कार्ड के लिए प्रतीक्षा कर रहे प्रफेशनलों के डिपेंडेंट जीवनसाथी को काम करने की छूट का प्रावधान था।

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम

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