जबलपुर। भारत निर्वाचन आयोग के दिशानिर्देशों के मुताबिक चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों द्वारा प्रचार अभियान में इस्तेमाल के लिए डमी मतपत्र भी छपवाए जा सकते हैं, लेकिन इसका रंग और आकार वास्तविक मतपत्रों के सदृश्य नहीं होना चाहिए। ऐसे डमी मतपत्रों पर उम्मीदवार द्वारा उस स्थान, जहां वे वास्तविक मतपत्र में उपस्थित होंगे को दर्शाते हुए अपने नाम एवं प्रतीक का उपयोग किया जा सकेगा। लेकिन इनमें उस निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे दूसरे उम्मीदवार या उम्मीदवारों का नाम या प्रतीक नहीं होना चाहिए। निर्वाचन आयोग के निर्देशों के मुताबिक डमी मतपत्र को किसी भी रंग अर्थात भूरा, पीला या धूसर रंग में छपवाया जा सकता है, लेकिन सफेद या गुलाबी रंग में इसे नहीं छपवाया जा सकता। यह आकार में भी वास्तविक मतपत्र के जैसा नहीं होना चाहिए।
प्रत्याशियों के घर व कार्यालयों पर निर्वाचन आयोग की नजर
जबलपुर। चुनाव आयोग प्रत्याशियों के ऊपर शिकंजा कसे हुए हैं। यही वजह है कि निर्वाचन आयोग ने हर प्रत्याशी के घर पर नजर रखने के लिए वीएसटी टीम का एक वीडियोग्राफर तैनात कर रखा है। यह वीडियोग्राफर प्रत्याशियों के घरों पर कौन आ रहा है और कौन जा रहा है, पर न केवल नजर रखे है बल्कि हर मूवमेंट पर नजर भी रखे हुए है। इस वजह से अब प्रत्याशी अपने घरों पर सतर्कता बरत रहे हैं। हालांकि इस बार चुनाव आयोग की सख्ती की वजह से प्रत्याशी क्षेत्रों में खुलकर न तो प्रचार कर पा रहे हैं और न ही बात चीत कर पा रहे हैं।
– अपने घरों पर किसी को भी बुला नहीं रहे हैं। साथ ही कार्यकर्ताओं को भी घर नहीं आने दे रहे हैं।
– मोबाइल फोन पर ही रणनीति बनाते हैं और आयोग की नजर दूर गुप्त स्थानों पर मीटिंग करते हैं।
– प्रत्याशी व उसके परिजन रोजाना मीटिंग व रणनीति बनाने के लिए स्थान भी बदल देते हैं। जिससे आयोग की टीम उन तक पहुंच न पाए।- प्रत्याशी के साथ जनसंपर्क के अलावा अन्य कार्यक्रमों में वीडियोग्राफर रहते हैं, इसलिए उन्होंने अपने सभी काम मैनेजरों को सौंप रखे हैं। ये लोग निर्वाचन आयोग की निगाह से दूर जीतने के लिए हर फंडे व रणनीति बनाते रहते हैं।
दिन की जगह रात में कर रहे प्रचार
प्रत्याशी व उनके परिजन दिन की जगह देर रात मतदाताओं के पास पहुंच रहे हैं। इसकी वजह यह है कि कि रात में वीडियो व फोटोग्राफी उतनी असरकारक नहीं होती। इसलिए वे देर रात मतदाताओं को मनचाहे आश्वासन दे रहे है और उन्हें मैनेज भी कर देते हैं। यही वजह है कि रात 12 बजे तक प्रत्याशी ग्रामीण क्षेत्रों में प्रचार कर रहे हैं।
उम्मीदवार केवल भूरा, पीला या धूसर रंग में ही छपवा सकेंगे डमी मतपत्र

