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ईमानदारी की बात कर काम नहीं करने वालोंं से बेईमान बेहतर : उमा भारती

भोपाल। राजधानी में शनिवार को आयोजित राज्य स्तरीय स्वच्छता सम्मेलन में उस वक्त लोग चौंक गए जब केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने ब्यूरोक्रेेसी पर निशाना साधा। दरअसल, खुले मंच से उन्होंने कहा कि आईएएस-आईपीएस अधिकारियों को काम नहीं करना होता तो कह देते है कि होगा ही नहीं। कुछ अधिकारी तो कहते हैं कि मैं ईमानदार हूं ये काम नहीं कर सकता, वो काम नहीं कर सकता। अरे इन अधिकारियों से अच्छे तो बेईमान अधिकारी हैं जो कम से कम काम तो करते हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि हमारे साथ काम करने के बाद बेईमान अधिकारी भी ईमानदार हो जाते हैं। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव, राज्य मंत्री विश्वास सारंग के साथ केंद्र और राज्य सरकार के कई अधिकारी मौजूद थे।

उमा भारती ने कहा कि स्वच्छता को लेकर अधिकारियों को अब नए सिरे से ज्यादा मेहनत करने की आवश्कयता है। ओडीएफ और स्वच्छता को लेकर मध्यप्रदेश ने बेहतर काम किया है। इन कार्यों के लिए राज्य को केंद्र सरकार ने 3180 करोड़ रुपए भी दिए। उन्होंने यह भी कहा कि गांधी जयंती 2 अक्टूबर 2018 को मध्यप्रदेश और अक्टूबर 2019 तक समूचा देश ओडीएफ घोषित किया जाएगा। विश्व में भारत ऐसा पहला देश होगा जो महज चार साल के अंदर ही अपने ओडीएफ होने के लक्ष्य को प्राप्त करेगा। केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से आगामी पांच माह में ओडीएफ घोषित करने का संकल्प भी लिया।

देश के 17 राज्य खुले में शौच मुक्त हुए

राज्य स्तरीय स्वच्छता सम्मेलन में पेयजल और स्वच्छता मंत्रालय के सचिव परमेश्वरन अय्यर ने कहा देश में 17 राज्य, 400 जिले और 3 लाख 50 गांव ओडीएफ घोषित हैं। स्वच्छता को लेकर मध्य प्रदेश में अन्य प्रदेशों की अपेक्षा जागरूकता बढ़ी है। उन्होंने बताया कि आगामी पांच माह के अंदर मध्यप्रदेश भी ओडीएफ हो जाएगा। साथ ही मंत्रालय अब ओडीएफ प्लस की नीति पर काम कर रहा है। स्वच्छता को लेकर प्रगति और जागरूकता दोगनी नहीं बल्कि लाख गुना ज्यादा बढ़ी है।

प्रदेश में 87.5 प्रतिशत बने शौचालय

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग मंत्री गोपाल भार्गव ने कहा कि प्रदेश में सिर्फ 13 प्रतिशत शौचालय निर्माण का काम बाकी है। फिलहाल 87.5 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। वहीं प्रदेश के 20 जिले और 26 हजार गांव खुले में शौच मुक्त हो चुके हैं। आगामी चार-पांच माह में बाकी निर्माण कार्य पूरा किया जाएगा। मंत्री भार्गव ने कहा कि लोक-लाज और महिलाओं के सम्मान का सवाल है। यह राजनीति का नहीं बल्कि सामाजिक कार्यक्रम है। उन्होंने बताया कि ओडीएफ प्लस के लिए प्रदेश में काम शुरू हो गया है साथ ही 6 हजार 4 सौ 15 गांव की डीपीआर भी तैयार की जा चुकी है। इसके तहत ठोस एवं अवशिष्ट कचरा प्रबंधन पर ग्रामीण क्षेत्रों में काम किया जा रहा है।

बिहार, उत्तरप्रदेश और उड़ीसा ओडीएफ में पिछड़े

केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने कहा कि बिहार, यूपी और उड़ीसा ओडीएफ फ्री को लेकर देश में पीछे चल रह है। देश का हर दृष्टि से गौरवशाली रहा है। लेकिन वर्तमान विसंगतियों के कारण देश का सर झुका है। ब्रिटिश शासनकाल से लेकर अब तक देश गंदगी के नाम पर बदनाम है। अब सरकारों के भरोसे नहीं बल्कि हर स्तर पर काम करने की आवश्यता नहीं। उन्होंने कहा कि पीएम और सीएम के सफाई कार्यक्रमों के इंतजार में बैठने के अपेक्षा अपने स्तर पर अभियान को आगे बढ़ाएं।

धार्मिक पांखड भी करे बंद

लोगों को सम्मेलन में संबोधित करते हुए उमा भारती ने कहा कि गंगा नदी में लोग तर्पण के लिए खुद बिस्लरी का पानी से आचमन करते हैं और पुर्खों को लोटे से गंगा का पानी पिलाते है। यह पांखड बंद होना चाहिए। वहीं उन्होंने प्लास्टिक पॉलिथिन में रोटी या अन्य खाद्य पर्दार्थों को गाय को खिलाने पर भी प्रश्न उठाते हुए कहा कि ऐसा करने से गाय की मृत्यु होना निश्चित है और यह धर्म के नाम पर पांखड से कम नहीं। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक और पॉलिथिन ऐसा वरदान लेकर आए है कि ब्रम्हा मर जाए लेकिन ये खत्म नहीं होते।

प्रदेश में गोबरन योजना का आगाज

कार्यक्रम के दौरान प्रदेश में गोबरन योजना का शुभारंभ किया। केंद्रीय मंत्री उमा भारती, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव और राज्य मंत्री विश्वास सारंग ने योजना से जुड़ी पुस्तिका का विमोचन किया। इस योजना के तहत खुले में शौच मुक्त हो चुके गांव में ठोस एवं अवशिष्ट प्रबंधन पर काम किया जाएगा। गौबर के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। वहीं प्लास्टिक और पॉलिथिन के उपयोग को कम करने साथ ही ओडीएफ प्लस पर इस योजना पर काम किया जाएगा।

शौचालय तो बना दिए पर आदत नहीं बनी

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कई गांव ऐसे है जिन्हें ओडीएफ फ्री घोषित कर दिया गया है। लेकिन अभी भी लोग शौचालयों के उपयोग करने से कतराते हैं। लोगों स्वच्छता के प्रति जागरूक तो हुए है पर शौचालयों का उपयोग करने पर जोर देना होगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 11 लाख शौचालय अभी और बनाएं जाएंगे।

दिव्यांग राष्ट्रीय धावक ने किया हंगामा

सीएम की घोषणाओं के बाद भी शासकीय नौकरी नहीं मिलने से नाराज दिव्यांग धावक मनमोहन लोधी ने जमकर हंगामा किया। मनमोहन ने बताया कि कार्यक्रम में अधिकारियों से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात करने की मांग की। लेकिन अधिकारियों ने मांग नहीं मानते हुए उन्हें बाहर निकालने की कोशिश की। इस दौरान दिव्यांग धावक ने अपना विरोध किया और देखते ही देखते कार्यक्रम स्थल पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। इसके बाद सीएम ने मनमोहन को मिलने बुलाया।

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