Thursday, May 28, 2026
Coronaमध्यप्रदेश

उज्जैन में शर्मनाक घटना; वार्ड का ताला तोड़ते रहे कर्मचारी, एंबुलेंस में corona पीड़ित महिला की मौत

Coronavirus in Ujjain कोरोना वायरस संक्रमण के बीच संदिग्ध मरीजों के इलाज में लापरवाही उजागर हुई है। दानीगेट निवासी 58 साल की महिला को गुरुवार देर रात जिला अस्पताल के बाद माधवनगर अस्पताल में भेजा गया। यहां से उसे आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज भर्ती के लिए रैफर किया गया, मगर यहां वार्ड के ताले की चाबी ही नहीं मिली।

मौजूद कर्मचारी ताला तोड़ते रहे। इस दौरान महिला बाहर एंबुलेंस में तड़पती रही। करीब 45 मिनट बाद ताला टूटा और उसे वार्ड में भर्ती कराया गया। तब तक देर हो चुकी थी। महिला की मौत हो गई। इधर, गुरुवार रात को ही माधवनगर अस्पताल में भी दो संदिग्ध मरीजों की मौत हो गई।

इसमें लक्कड़गंज निवासी एक व्यक्ति और बड़नगर की एक महिला मरीज शामिल है। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के अनुसार बड़नगर की महिला को सांस लेने में अधिक तकलीफ हो रही थी। देर रात उसकी तबीयत अचानक ज्यादा खराब हो गई। वह तड़पती रही। वेंटिलेटर नहीं मिला।

इधर, मौके पर कोई डॉक्टर भी मौजूद नहीं था। कुछ देर महिला की मौत हो गई। शुक्रवार सुबह उसका शव पलंग के पास नीचे पड़ा मिला। थोड़ी ही देर बाद महिला के पड़ोस के बेड पर भर्ती लक्कड़गंज निवासी व्यक्ति की भी मौत हो गई। कोताही सामने आने के बाद अस्पताल के प्रभारी और सिविल सर्जन आरपी परमार को पद से हटा दिया गया।

शास्त्रीनगर के युवक की भी मौत, परिजन बोले- इलाज नहीं मिला

शास्त्री नगर निवासी 39 साल के युवक की भी शुक्रवार को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। स्वजन का कहना है कि निजी अस्पतालों ने इलाज करने से मना कर दिया था। गुरुवार रात परिजन उसे लेकर इंदौर के एमवाय अस्पताल पहुंचे थे, मगर यहां उसकी मौत हो गई। युवक इंदौर में होटल मैनेजर था और पत्नी के साथ वहीं रहता था। लॉकडाउन में वह उज्जैन आ गया था।

गुरुवार रात को उसकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। इस पर उसे निजी अस्पताल ले जाया गया, मगर यहां इलाज से मना कर दिया गया। इस पर उसे माधवनगर अस्पताल ले जाया गया, जहां स्वास्थ्य अधिक खराब होने पर इंदौर रैफर कर दिया। स्वजन उसे लेकर एमवाय अस्पताल पहुंचे ही थे कि उसकी मौत हो गई। एमवाय अस्पताल में मृत युवक का सैंपल भी लिया गया। डॉक्टरों का कहना था कि युवक में कोरोना के लक्षण मिले हैं। रिपोर्ट आने के बाद पुष्टि होगी।

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम