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इस स्कूल में बच्चों को पढ़ाने के बजाय कपड़े उतारकर अराम फरमाते हैं मास्टर साहब

जबलपुर। सरकार भले ही सरकारी स्कूलों को प्रायवेट जैसी सुविधा देकर शिक्षा के स्तर में सुधार की लाख कोशिशें कर रही हो, लेकिन मोटी सैलरी उठाने वाले शिक्षक ही सरकार की मंशा में पानी फेरने में लगे हैं।

जिसका सीधा असर बच्चों के भविष्य पर पड़ रहा है। ताजा मामला जबलपुर जिले के चरगवां क्षेत्र का है, जहां स्कूल में शिक्षक बच्चों को शिक्षा देने के बजाय आराम फरमाते हैं।
दरअसल, मामला जिले के चरगवां इलाके का है, जहां की प्राथमिक शाला कंचनपुरी के सहायक अध्यापक दौलत साहू स्कूल को ही घर समझ कर आराम फरमाते है। खास बात ये है कि स्कूल में मासूमों के सामने ही शिक्षक अर्धनग्न होकर बैठे रहते है।

स्कूल में आराम फरमाते हैं शिक्षक
सहायक अध्यापक दौलत साहू जो कि स्कूल में आते तो हैं लेकिन उन्हें बच्चों को तालीम देने से ज्यादा आराम करने में मजा आता है और शिक्षक दौलत साहू स्कूल परिसर में ही आराम से बच्चों के सामने कपड़े उतारकर आराम से बैठे रहते हंै। ऐसी अवस्था में जब हमारे सहयोगी स्कूल में पहुंचे तो शिक्षक कैमरा देख हड़बड़ा उठे और कुर्सी छोड़ अपने कपड़े लेने के लिए भागे। इस दौरान जब उनसे पूछा गया कि वो ऐसा क्यों करते हैं तो उन्होंने कहा कि गर्मी बहुत है इसलिए कपड़े उतारकर बैठ गया।

क्या कहते है जिम्मेदार
कार्रवाई का आश्वासन
जब इस मामले में शिक्षा विभाग में बात की गई तो डीपीसी डॉ आरपी चतुर्वेदी ने कहा कि जिस तरह का ये वीडियो है, निश्चित रूप से शिक्षक के पद के लिए शर्मनाक है। फिलहाल इसकी जांच करवाकर शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी।
आर.पी चतुर्वेदी (जिला शिक्षा अधिकारी)

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम

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