Saturday, May 16, 2026
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इस बार की मकर संक्रांति है बेहद खास- आप भी जनिये

धर्म डेस्क। देशभर में मकर संक्रांति की धूम है। कहीं पतंगबाजी हो रही है तो कहीं तिल-गुड़ से मुंह मीठे कराए जा रहे हैं। यहां हम आपको बताएंगे कि इस बार की मकर संक्रांति क्यों खास है –

अपने दिन में ही उत्तरायण होंगे सूर्य: इस वर्ष मकर संक्रांति के साथ कई शुभ संयोग बन रहे हैं। सबसे पहले तो रविवार के दिन मकर संक्रांति का होना ही अच्छा संयोग है क्योंकि रविवार के स्वामी ग्रह सूर्यदेव है। अपने दिन में ही सूर्य उत्तरायण हो रहे हैं।

सर्वार्थ सिद्धि और ध्रुुव योग: इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बना है जिसे सभी सिद्घियों को पूर्ण करने में सक्षम माना गया है। इस दिन प्रदोष व्रत भी है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार इस दिन ध्रुुव योग भी बना हुआ है। ऐसे में इस मकर संक्रांति पर किया गया दान-पुण्य और पूजन का अन्य दिनों की अपेक्षा हजारों गुना पुण्य प्राप्त होगा और ग्रह दोषों के प्रभाव से भी आप राहत महसूस कर सकते हैं।

रविवार को 14 जनवरी को दोपहर 2.21 बजे से सर्वार्थ सिद्घि योग शुरू होगा। जो अगले दिन दोपहर इसी समय तक रहेगा। इस दिन त्रयोदशी तिथि में वृहस्पति व मंगल के तुला राशि में साथ रहने से परिजात योग रहेगा। जो अत्यंत शुभ होता है। 

व्यापार में होगा लाभ: इस बार संक्रांति महिष पर सवार होकर आएगी, जो व्यापार व्यवसाय के लिए श्रेष्ठ होने के साथ राज्य पक्ष को लाभ दिलाने वाली रहेगी। सूर्य संक्रांति के शुभ प्रभाव से आतंक तथा रक्तपात की घटनाओं में कमी होगी।

अब 2080 तक 15 को ही संक्रांति: पंचांग विशेषज्ञों के अनुसार, इस बार 14 जनवरी को मकर संक्रांति है, लेकिन आगे सन् 2080 तक 15 जनवरी को ही मकर संक्रांति होगी।

वजह यह है कि पृथ्वी हर साल 50 विकला (यानी 20 मिनट) पीछे रह जाती है। 65 से 100 साल के बीच यह अंतर 24 घंटे का हो जाता है। 2080 तक लीप ईयर के कारण दो साल क्रम बदलेगा।

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम

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