
नई दिल्लीः वित्त मंत्री अरुण जेटली ने वित्त वर्ष 2018-19 का बजट पेश करते हुए इसकी घोषणा की है कि देश के अधिकांश नागरिकों को अलग पहचान नंबर दे चुकी सरकार जल्द ही कंपनियों को भी विशेष पहचान नंबर देगी, यानी अब कंपनियों को भी आधार कार्ड बनवाना होगा। वित्त मंत्री ने कहा, ‘सरकार सभी कंपनियों को एक यूनीक आईडी देने के लिए आधार की तरह एक योजना लेकर आएगी।’
गौरतलब है कि सरकार को आधार के जरिए सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार और सब्सिडी लीकेज को कम करने में मदद मिली है। अब सरकार ‘आधार कार्ड’ के जरिए निजी कंपनियों के भ्रष्टाचार और फर्जी कंपनियों पर लगाम लगाना चाहती है।
पहले हो चुके फर्जी कंपनियों का लाइसेंस
सरकार पहले ही तीन लाख से अधिक फर्जी कंपनियों का लाइसेंस रद्द कर चुकी है। सरकार ने नोटबंदी के बाद से संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्त मुखौटा कंपनियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है।








