मध्यप्रदेश

असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति के बाद भी बाहर नहीं होंगे अतिथि विद्वान

मंत्री जीतू पटवारी बोले, जल्द शुरू होगी नियुक्ति प्रक्रिया
भोपाल। कोर्ट में दायर याचिकाएं और अतिथि विद्वानों के चकर में अटकीं असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति का रास्ता अब साफ हो गया है। असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति को लेकर सरकार ने सहमति दे दी है।
उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी ने कहा है कि प्रदेश में पीएससी से चयनित असिस्टेंट प्रोफेसर, क्रीड़ा अधिकारी और लाइब्रेरियन के खाली 3155 पदों पर नियुक्ति होगी। इसकी प्रक्रिया जल्द शुरू कर दी जाएगी। वहीं उन्होंने यह भी साफ कर दिया है कि सरकार अतिथि विद्वानों को भी बाहर नहीं करेगी।
अपने वचन पत्र के मुताबिक अतिथि विद्वानों का वेतन सरकार पहले ही बढ़ा चुकी है। अब उन्हें कॉलेजों से बाहर नहीं किया जाएगा। श्री पटवारी ने कहा कि पिछली सरकार 15 साल में असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति नहीं कर पाई। कमलनाथ सरकार ने इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी है। पूरी पारदर्शिता के साथ असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति की जाएगी।
गौरतलब है कि पीएससी से चयनित असिस्टेंट प्रोफेसर के उ मीदवार पिछले 15 महीने से नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं। उ मीदवारों ने 24 नवंबर से महू शहर से संविधान यात्रा शुरू कर दी है। सरकार द्वारा नियुक्ति नहीं किए जाने से नाराज होकर उमीदवार मुंडन करवा रहे हैं और भीख मांग रहे हैं। उ मीदवारों का आरोप है कि सरकार कोर्ट के निर्देश के बाद भी उन्हें नियुक्ति नहीं दे रही है।

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