
नई दिल्ली. देश में कोरोनावायरस के बढ़ते मामलों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को दूसरी बार सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की। इस बीच बड़ी ख़बर् यह है कि पीएम ने 15 अप्रैल से लॉक डाउन समाप्त होने के संकेत दिए हैं। अरुणाचल के मुख्यमंत्री सीएम पेमा खांडू ने तो ट्वीट करके इसकी घोषणा भी कर दी बाद में उन्होंने ट्वीट को हटा दिया।
बताया जाता है कि पीएम मोदी ने लॉक डाउन से होने वाली समस्या को ध्यान से सुना लेकिन इसके 15 अप्रैल को समाप्त करने पर सीधे सीधे कुछ नहीं कहा, माना जा रहा है कि अगर 15 अप्रैल से लॉक डाउन समाप्त भी होता है तो भी इसकी सोशल डिस्टेन्स की पाबंदी आयोजन आदि बन्द रहेंगे। बहरहाल देखना है कि सरकार क्या निर्णय लेती है।
कान्फ्रेंस में गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन और स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारी भी मौजूद रहे। इससे पहले 20 मार्च को भी उन्होंने इसी तरह सभी राज्यों से कोरोना से निपटने की तैयारियों पर बात की थी। अब संक्रमितों की संख्या दो हजार के पार पहुंच गई है। ऐसे में प्रधानमंत्री ने अब तक केंद्र और राज्यों द्वारा उठाए गए कदमों पर चर्चा की। प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्रियों से कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए नई रणनीतियों पर भी बात की। इस बीच, केंद्र सरकार ने सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों को खबरों की पुष्टि के लिए पोर्टल बनाने के निर्देश दिए हैं।
मोदी ने पहली वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में संक्रमण रोकने में लोगों और स्थानीय प्रशासन के बीच तालमेल पर जोर दिया था। उन्होंने मुख्यमंत्रियों के साथ राज्यों में ट्रेंड स्टाफ बढ़ाने और स्थानीय स्वास्थ्यकर्मियों को ट्रेनिंग देने के मुद्दे पर चर्चा की थी। बैठक में बीमारी के इलाज के लिए राज्यों में उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा की गई थी।
केंद्र ने कहा- राज्य सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर अमल करें
केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने बुधवार को कहा कि सभी राज्य सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर अमल करें। अपने यहां खबरों की पुष्टि के लिए पोर्टल बनाएं। सुप्रीम कोर्ट ने 31 मार्च को संक्रमण रोकने के लिए 21 दिनों के लॉकडाउन पर सुनवाई की थी। कोर्ट ने 24 घंटे के भीतर कोरोनावायरस पर विशेषज्ञों की समिति का गठन करने और लोगों को संक्रमण के बारे में जानकारी देने के लिए पोर्टल बनाने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने केंद्र को हर हाल में मजदूरों का पलायन रोकने, उनके खाने, रहने की जगह, पोषण, स्वास्थ्य की जरूरतों का ध्यान रखने के लिए कहा था।








