अयोध्या मामले में मुस्लिम धर्मगुरुओं से मिले श्रीश्री, इस बात बनी सहमति

बेंगलुरु। अयोध्या मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई 14 मार्च तक के लिए टल गई है। इस बीच आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्रीश्री रविशंकर ने अयोध्या के रामजन्म भूमि मामले को सुलझाने के लिए एक बार फिर मुस्लिम धर्मगुरुओं के साथ बैठक की। बैठक में सुन्नी वक्फ बोर्ड एवं ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य शामिल रहे। उन्होंने अयोध्या मसले पर कोर्ट के बाहर समझौते के लिए सहायता की गुजारिश की।

खबरों के अनुसार बैठक में इस बात पर भी सहमति बनी की राम मंदिर विवादित जगह पर ही बनाया जाए। हालांकि, इसे लेकर कोई भी अंतिम फैसला नहीं हो पाया है और मामले में बातचीत आगे भी जारी रहेगी। जानकारी के अनुसार आने वाले दिनों ने अयोध्या में एक बड़ी बैठक बुलाई गई है।
मुस्लिम समुह के इन सदस्यों ने विवादित बाबरी मस्जिद को अन्य स्थान पर स्थापित करने के मसौदे पर आशा जताई। कई मुस्लिम नेता इस विषय में पहले से ही सहयोग कर रहे हैं। सुन्नी वक्फ बोर्ड एवं ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड सहित विभिन्न संस्थाओं के 16 सदस्यों ने श्रीश्री के साथ मुलाकात की। कई राज्यों के प्रतिनिधि और विद्वान भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
इस बैठक में उपस्थित लोगों में मौलाना सैयद सलमान हुसैन नदवी (ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के एक्सीक्यूटिव सदस्य), उत्तर प्रदेश सुन्नाी वक्फ बोर्ड के चेयरमेन जुफार फारूकी, लखनऊ की टीलेवाली मस्जिद के मौलाना वासिफ हसन, पूर्व आइएएस डॉ. अनीस अंसारी, लंदन में वर्ल्ड इस्लामिक फोरम के चेयरमैन मौलाना इसा मंसुरी, भारत की हज समिति के पूर्व चेयरमेन ए. अबुबुकर प्रमुख हैं।








