अमृतसर ट्रेन हादसे में ‘रावण’ की भी मौत, पीछे रह गई 8 माह की बेटी और पत्नी, सुनाई दास्तां

अमृतसर। अमृतसर में शनिवार को दशहरा उत्सव के दौरान हुए दर्दनाक ट्रेन हादसे में 60 लोगों की मौत हुई है। इनमें से 20 की तो अब तक पहचान भी नहीं हो पाई है। मरने वालों में किसी का बेटा था तो किसी का पति। इन्ही में से एक ‘रावण’ भी था जो एक महिला का पति और 8 माह की बच्चे का पिता होना के साथ एक बूढ़ी मां का सहारा भी था।
दरअसल, इस हादसे में जिन लोगों की मौत हुई उनमें दलबीर सिंह भी था। दलबीर ने रामलीला में रावण का किरदार निभाया था। जिस वक्त रावण दहन के दौरान वो वहीं पटरी पर ही खड़े थे। इसी दौरान आई ट्रेन ने सैकड़ों लोगों के साथ उन्हें भी अपनी चपेट में ले लिया और वो नहीं रहे। दलबीर की पत्नी और मां का रो-रोकर बुरा हाल है। दलबीर का 8 महीने का बच्चा भी है।
दलबीर के जाने से जहां एक परिवार उजड़ गया है वहीं उनकी आंखों के आगे अंधकार में डूबा भविष्य भी है। दलबीर की मां ने मीडिया के माध्यम से सरकार से अपील की है कि उनकी बहू और दलबीर की पत्नी को सरकारी नौकरी दी जाए ताकि वो परिवार को पाल सके।
पोस्टर पर लिखी लाइन में चूक रही चर्चाओं में
किसी को इसका अंदाजा नहीं था कि दशहरा कार्यक्रम के पोस्टर पर लिखने में हुई चूक इस तरह सच साबित हो सकती है। पोस्टर पर लिखी लाइन ‘नेकी पर बदी की जीत’ दिनभर चर्चा में रही और शाम को हकीकत में बदल गई। काल बनकर आई अभागी ट्रेन ने बुराई पर अच्छाई की जीत का मंजर देखने आए दर्जनों लोगों को लील लिया। दरअसल शहर के जोड़ा फाटक पर दशहरे के अवसर पर पुतला दहन को लेकर स्थानीय दशहरा कमेटी ने एक पोस्टर जारी किया था।
पोस्टर को बड़े-बड़े होर्डिग्स पर लगाया गया था। इस पर गलती से ‘बदी पर नेकी की जीत’ की जगह ‘ नेकी पर बदी की जीत’ लिखा गया था। दिनभर सोशल मीडिया पर चर्चा में रहने वाले इस पोस्टर पर सूबे के स्थानीय निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू और उनकी पत्नी डॉक्टर नवजोत कौर सिद्धू की फोटो भी लगी हुई थी। नवजोत कौर सिद्धू इस कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि शामिल भी थीं।








