अब कागजों से निकल रही मेट्रो ट्रेन , सिविल टेंडर जारी


भोपाल। दस साल से कागजों में दौड़ रही मेट्रो ट्रेन पर सरकार विधानसभा चुनाव से पहले काम शुरू करने की तैयारी कर रही है। दरअसल स्टेशन और ट्रैक को छोड़कर सिर्फ पिलर व स्लैब (फ्लाईओवर की तर्ज पर) का टेंडर मप्र मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने जारी कर दिया है। अगस्त में वर्कआर्डर जारी कर सितंबर में आचार सहिंता लगने से पहले इसी ढांचे के लिए भूमिपूजन होगा।
अधिकारियों ने बताया कि टेंडर के बाद कांट्रेक्ट लेने वाली कंपनी डिटेल डिजाइन और सिविल वर्क करेगी। इस दौरान करोंद से एम्स तक 14.99 किमी मेट्रो रूट की लाइन-टू के तहत एम्स से सुभाष नगर वाले 6.225 किमी हिस्से में लगभग 277 करोड़ की लागत से काम किया जाएगा।
मप्र मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने शासन के निर्देश पर आनन-फानन में काम शुरू करने की तैयारी कर ली है। अगस्त में वर्कआर्डर होने के बाद कंपनी को सबसे पहले डिटेल डिजाइन बनानी होगी। जानकार बताते हैं कि मेट्रो की डिजाइन के लिए एक माह का समय बेहद कम है। इसके लिए कम से कम छह माह का समय लगेगा।
छोटा ट्रेंडर निकालने की वजह
जल्द काम शुरू करने के लिए कार्पोरेशन ने छोटा टेंडर निकाला है। बड़े काम में कंस्ट्रक्शन कंपनी को फाइनेंसियल व तकनीकी इंतजाम के लिए कम से कम छह महीने का वक्त चाहिए होता है। इसमें कंपनी बैंक से फाइनेंस व मशीनरी आदि की खरीदी का काम करती है। डीपीआर में बताई गई डिजाइन के आधार पर डिटेल इंजीनियरिंग डिजाइन तैयार कराने, टेस्टिंग में ही छह महीने लगते हैं। सितंबर में काम शुरू हो सके इस कारण छोटा टेंडर निकाल गया है।
यह काम भी बाकी
जल्दबाजी के कारण मेट्रों प्रोजेक्ट के लिए कई आवश्यक काम भी नहीं किए गए हैं। वरिष्ट अधिकारियों के आदेश के बाद भी मास्टर प्लान में संशोधन नहीं किया गया। वहीं इन्वायर्नमेंट इम्पैक्ट असेसमेंट नहीं कराया साथ ही मेट्रो रेल एक्ट 2009 के हिसाब से मेट्रोपॉलिटन एरिया नोटिफाइ नहीं किया है। यही नहीं बल्कि लोन संबंधित प्रक्रिया पूरी नहीं की गई हैं।
काम में हो रही हड़बड़ी
मेट्रो रेल कंसल्टेंट रोहित गुप्ता ने बताया कि मेट्रो को लेकर हड़बड़ी की जा रही है। इसी कारण जो काम प्लानिंग से किए जाने थे वह नहीं किए जा रहे हैं। पहले पूरी तैयारी हर प्रकार की होनी चाहिए फिर टेंडर की होते हैं। प्लानिंग भी सही तरीके से नहीं की गई। उन्होंने बताया कि यदि ऐसे ही काम हुआ तो मेट्रो का चल पाना मुश्किल ही लगता है।
जल्दबाजी नहीं कर रहे
हम काम में कोई जल्दबाजी नहीं कर रहे हैं। हमने पहले सिविल टेंडर निकाला है। इस काम के शुरू होने के बाद हम दूसरे टेंडर जारी करने की तैयारी करेंगे। वर्कआर्डर के पहले सभी तमाम कार्रवाई पूरी कर ली जाएगी।
जितेंद्र दुबे, ईएनसी, मप्र मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन कंपनी।








