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अपहरणकर्ताओं के चुंगल से छूटे युवक की दास्ता सुन दंग रह गई रेल पुलिस

कटनी। अपहरणकर्ताओं के चुंगल से छूटे युवक की दासता सुनकर जीआरपी कर्मियों के रोगटे खड़े हो गए। रेलवे प्लेटफार्म नंबर 6 पर राघवेंद्र उरमलिया और मनीष शर्मा को रोते हुए एक युवक मिला जिसने बताया है कि उसका अपहरण किया गया था। बेहोश होने के बाद अपहरणकर्ताओं ने उसे बोरे में बंद कर दिया था। होश आने के बाद भी उन्होंने उसे छोड़ा नहीं।

कुछ देर पहले अपहरणकर्ता प्लेटफार्म के बाहर छोड़कर भागे है। युवक के शरीर में कई ब्लेड के निशान है जो हैज की तरह दिखाई दे रहे है। दास्ता सुनने के बाद सुरक्षा कर्मी उसे थाने ले गए वहां से उसके परिजनों से संपर्क किया उसके बाद उनके आने के बाद जीआरपी ने युवक को सुरक्षित उनके हवाले कर दिया। जानकारी के मुताबिक 19 सितंबर 2018 को विजयराघवगढ़ से अनुरुद्व पांडे 17 वर्ष का अपहरण उस समय किया गया जब वह तालाब जा रहा था। दो व्यक्तियों ने अपहरण करने के बाद उसके मुंह में रुमाल रखा जिससे वह बेहोश हो गया। अपहरणकर्ताओं ने युवक को बोरे में बंद किया और उसे लेकर विजयराघवगढ़ से जबलपुर तक घुमते रहे। 24 घंटे बीत जाने के बाद जब उनका मकसद पूरा नहीं हुआ तब उन्होंने बीते दिवस दोपहर 1 बजे रेलवे प्लेटफार्म नंबर 6 के बाहर युवक को छोड़ा और वहां से भाग गए।

युवक ने जीआरपी को बताया
युवक ने जीआरपी को बताया है कि घर से तालाब जाते समय 20-22 साल के दो युवकों ने उसका अपहरण किया जिन्हें वह जानता नहीं उनका मकसद क्या रहा यह तो नहीं मालूम शरीर में कई जगह है जैसे निशान उन्होंने ब्लेड से बनाए है। अपहरणकर्ताओं से छुटने के बाद युवक काफी डरा सहमा था। दास्ता सुनने के बाद जीआरपी कर्मी उसे थाने ले गए जहां से उसके परिजनों से संपर्क किया गया। थाने पहुंचे युवक के परिजनों की उस समय आंखे भरआई जब उन्होंने अपने लाल को सुरक्षित देखा। परिजनों ने बताया है कि 19 सितंबर को शाम के समय अनरुद्व को अगवा किया गया जिसकी रिपोर्ट विजयराघवगढ़ थाने में दर्ज है। युवक सुरक्षित मिल गया उसके साथ कोई घटना नहीं हुई। शरीर पर है की तरह निशान दिखाई देने पर उनका कहना था कि यह किसी गिरोह द्वारा छाप छोड़ने का काम किया जा रहा है।

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम

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