भोपाल। शिवराज कैबिनेट की बैठक में मंगलवार को अतिथि विद्वानों का मानदेय बढ़ाने और उन्हें नियमित करने को लेकर मंत्रियों के बीच लंबी बहस चली। उच्च शिक्षा विभाग का प्रस्ताव जब कैबिनेट में रखा गया तो सभी मंत्रियों ने इस पर अपनी राय रखी।

उच्च शिक्षा मंत्री जयभान सिंह पवैया ने कहा कि अतिथि विद्वानों को नियमित किया जाना चाहिए। इस पर तकनीकी शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दीपक जोशी ने कहा कि हमारे स्कूल शिक्षा और तकनीकी शिक्षा विभाग में भी अतिथि शिक्षक हैं। उनका क्या करोगे, उन पर भी फैसला लिया जाए। हालांकि अतिथि विद्वानों को नियमित करने पर कोई फैसला नहीं हुआ।

दूसरी तरफ, एक मंत्री ने कहा कि अतिथि विद्वानों की नियुक्ति में आरक्षण की व्यवस्था नहीं है। इसके साथ ही अतिथि विद्वानों में प्रदेश के बाहर के लोग नहीं आना चाहिए। वहीं एक अन्य मंत्री ने अतिथि विद्वानों की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए, तो पवैया ने कहा कि अतिथि विद्वान इतने सालों से पढ़ा रहे हैं तो उनमें कुछ न कुछ गुणवत्ता तो होगी ही।

संविदा कर्मचारियों को एक साथ नियमित कर दिया जाए

कैबिनेट में जब संविदा कर्मचारियों का प्रस्ताव रखा गया तो कुछ मंत्रियों ने कहा कि संविदा कर्मचारियों को एक साथ नियमित कर देना चाहिए। नियमित भर्ती के लिए 20 प्रतिशत बोनस अंक देने से प्रक्रिया में पांच से छह साल लग जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी प्रस्ताव को पास होने दिया जाए, एक प्रक्रिया के तहत काम हो जाएगा। वहीं वन मंत्री डॉ. गौरीशंकर शेजवार ने कहा कि संविदा कर्मचारियों के लिए अस्थाई नियमित कर्मचारी नाम से अलग कैडर बना दिया जाए।

वन क्षेत्रपाल, रेंजर की वेतन विसंगति भी दूर हो

राज्य वेतन आयोग की सिफारिश लागू करने के प्रस्ताव पर डॉ. शेजवार ने कहा कि वन क्षेत्रपाल, रेंजर की विसंगति दूर की जाए। विश्वास सारंग ने विकासखंड अधिकारी, जनपद सीईओ की वेतन विसंगति दूर करने का मुद्दा उठाया तो अधिकारियों ने कहा कि जनपद सीईओ का नियंत्रणकर्ता अधिकारी एसडीएम होता है, इसलिए वेतन विसंगति दूर नहीं हो पाएगी।

इस पर सारंग ने कहा कि जनपद सीईओ का नियंत्रणकर्ता जिला पंचायत सीईओ होता है, इसलिए उनका वेतन बढ़ाया जाए। इसके बाद कई मंत्रियों ने सभी कैडर की वेतन विसंगति दूर करने की मांग उठाई तो मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी मौजूदा प्रस्ताव को अनुमति दे दी जाए। बाद में उन्हें भी कर लेंगे।

मंत्रियों के जिले में जाने का अच्छा फीडबैक है

मंत्रियों के साथ अनौपचारिक चर्चा मुख्यमंत्री ने कहा कि मंत्रियों के जिलों में दौरे का अच्छा फीडबैक मिल रहा है। जिलों में दौरे करते रहें। जन कल्याण योजना और फसल खरीदी की निगरानी करें और फीडबैक भी दिया जाए। किसान आंदोलन को लेकर उन्होंने कहा कि किसानों से मैं भी बात कर रहा हूं, आप भी अपने स्तर पर ध्यान रखें।