Sunday, May 17, 2026
Latest:
व्यापार

Zomato के को-फाउंडर गौरव गुप्ता ने कंपनी को कहा अलविदा, जानें क्या है इसकी वजह

Zomato अपने ग्रॉसरी डिलिवरी बिजनेस और डायट्री सप्लीमेंट्री बिजनेस को बंद करने जा रही है।Publish Date:Tue, 14 Sep 2021 02:05 PM (IST)Author: Ankit Kumar
ऑनलाइन फूड डिलिवरी स्टार्टअप Zomato के को-फाउंडर गौरव गुप्ता ने कंपनी छोड़ दी है। उन्होंने Zomato के शेयरों की लिस्टिंग के बाद कंपनी को अलविदा कहा है। गुप्ता को वर्ष 2019 में कंपनी का को-फाउंडर नामित किया गया था। उस समय वह कंपनी के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर थे।

नई दिल्ली। ऑनलाइन फूड डिलिवरी स्टार्टअप Zomato के को-फाउंडर गौरव गुप्ता ने कंपनी छोड़ दी है। उन्होंने Zomato के शेयरों की लिस्टिंग के बाद कंपनी को अलविदा कहा है। गुप्ता ने ऐसे समय में कंपनी को अलविदा कहा है जब Zomato अपने ग्रॉसरी डिलिवरी बिजनेस और डायट्री सप्लीमेंट्री बिजनेस को बंद करने जा रही है। गुप्ता को वर्ष 2019 में कंपनी का को-फाउंडर नामित किया गया था। उस समय वह कंपनी के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर थे।

कंपनी के फाउंडर दीपिंदर गोयल ने इस बारे में ट्वीट कर कहा है, ”शुक्रिया गौरव गुप्ता- पिछले छह साल शानदार रहे हैं और हम काफी आगे आ गए हैं। हमें आगे और भी लंबा रास्ता तय करना है और मैं इस बात को लेकर शुक्रगुजार हूं कि हमें आगे बढ़ाने के लिए हमारे पास एक बेहतरीन टीम और नेतृत्व है।”

इससे पहले गौरव गुप्ता ने Zomato के सभी कर्मचारियों को मेल लिखकर कहा, ”मुझे जोमैटो से प्यार है और हमेशा रहेगा। मैं छह साल पहले जब इससे जुड़ा था तो मुझे इस बात का तनिक भी अंदाजा नहीं था कि यह जुड़ाव क्या रूप लेने वाला है। यह यात्रा कितनी शानदार रही है। हम जिन चीजों का पार करके आज यहां तक पहुंचे हैं, उस पर मुझे गर्व महसूस हो रहा है। हम भविष्य में जो कुछ भी हासिल करेंगे, उसको लेकर भी गर्व की अनुभूति हो रही है।”

उन्होंने कहा है, ”मुझसे प्रायः यह सवाल पूछा जाता है कि मुझमें इतनी एनर्जी कहां से आती है, जिससे मैं हमेशा काम में जुटा रहता हूं। जवाब बहुत आसान और अनूठा है- आप सभी शानदार लोगों से, जिन्होंने एक तरह का जादू क्रिएट किया है।”

गुप्ता ने मेल में आगे लिखा है, ”जोमैटो के साथ छह साल के संबंध से बहुत कुछ सीखकर मैं जीवन के एक नए मोड़ पर हूं और नया अध्याय शुरू करने जा रहा हूं। हमारे पास जोमैटो को आगे ले जाने के लिए एक शानदार टीम है और मुझे अपनी यात्रा में दूसरा रास्ता अख्तियार करने का समय आ गया है। मैं इसे लिखते समय काफी भावुक हो गया हूं और मेरी भावनाओं को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता है।”

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम