निजी संपत्ति से भव्य मंदिर का निर्माण कर कटनी में इतिहास रचा यमुना प्रसाद केसरवानी ने, पढ़े एक दानदाता की कहानी
- श्रद्धा-आस्था से ईश्वर के चरणों में समर्पित की चल-अचल संपत्ति
- छत्रपति शिवाजी नगर में सवा करोड की लागत से निर्मित कराया भव्य मंदिर
- श्री सिद्धिदात्री नवदुर्गा मंदिर में 22जनवरी को सुंदरकांड देवी जागरण का धार्मिक आयोजन*
कटनी। कटनी में छत्रपति शिवाजी नगर निवासी साधारण परिवार के केटर्स का कार्य करने वाले यमुना प्रसाद केसरवानी व उनकी धर्मपत्नी श्रीमति निर्मला केसरवानी ने परिवार में जिम्मेदारी का संपूर्ण निर्वहन करने के बाद अपार श्रद्धा आस्था का प्रेरणादायी पवित्र धर्मकार्य किया है।
सहल सहज श्री केसरवानी ने ईश्वरीय भक्ति में अपने हिस्से की चल अचल संपत्ति अर्पित कर दी।उन्होंनें पहले छत्रपति शिवाजी नगर में मंदिर बनाने के उद्देश्य से करीब 35लाख की जमीन क्रय की और 6माह युद्धस्तर पर मंदिर निर्माण का कार्य शुरू कराया।
श्री सिद्धि दात्री नव दुर्गा मंदिर में करीब सवा की लागत से निर्माण कार्य हो पाया। जयपुर के कलाकारों ने मंदिर की खूबसूरती में चार चांद लगा दिये।मंदिर में भगवान श्री गणेश श्री सिद्धदात्री माता 9देवियों नर्मदेश्वर भगवान भोलेनाथ भोलेनाथ माता पार्वती रामदरबार द्बादश शिवलिंग राधा कृष्ण लक्ष्मी नारायण हनुमानजी कश्यप ऋषि भैरव नाथ की दिव्य दर्शनीय प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा 31मई 2023को की गयी।

22जनवरी को मंदिर में विविध धार्मिक कार्यक्रम
यमुना प्रसाद केसरवानी ने बताया कि माता जी स्व पार्वती केसरवानी पिताजी स्व शिवप्रसाद केसरवानी की स्मृति में उन्होंने मंदिर निर्माण कराया है आस्था वान श्री यमुना प्रसाद केसरवानी ने भविष्य में मंदिर के संचालन की भी अग्रिम व्यवस्था के लिये एक प्लाट खरीद कर उसमें दुकानों का निर्माण शुरू कराया है ताकि उसके किराए से मंदिर का संचालन हो सके।
श्री केसरवानी का कहना है कि अयोध्या में भगवान श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा एक आत्मसुखानुभुति है जिसके लिये पीढियों से देश के श्रद्धालुओं को बेसब्री इंतजार था आज हम सभी इस पल के साक्षी बन रहे है यह सौभाग्य है।उन्होंने कहा 22जनवरी को अयोध्या में जब रामलला विराजेगे तो श्री सिद्धिदात्री नवदुर्गा मंदिर में भी विविध धार्मिक आयोजन किये जायेगे सुंदरकांड देवी जागरण सहित विशाल भंडारे में प्रसाद वितरित किया जायेगा।टेंट लाईट एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री अजय सरावगी द्बारा मंदिर में एलईडी लगाकर अयोध्या के कार्यक्रम का लाईव प्रसारण किया जायेगा।
संसार तो जिम्मेदारी निभाने के लिये है,वास्तविक कार्य तो ईश्वरीय भक्ति ही है
श्री केसरवानी ने कहा कि संसार तो जिम्मेदारी निभाने के लिये वास्तविक कार्य ईश्वरीय भक्ति है।उन्होंने कहा मैंने जीवन की संपूर्ण जिम्मेदारी से निरवृत्त होकर जो भी पूंजी थी ईश्वरीय सेवा में अर्पण कर दी है।आंखों में आंसू लिये श्री केसरवानी यह भी कह गये कि साढे 62वर्ष का हो चुका हूं जीवन का भरोसा नहीं है जितना भी जीवन है वह भगवान की सेवा के लिये समर्पित है।


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