विश्व णमोकार दिवस: बड़गांव में हुआ शांति और आध्यात्मिक जागृति का प्रतीक नमोकार मंत्र का सामूहिक जाप
विश्व णमोकार दिवस:बड़गांव में हुआ शांति और आध्यात्मिक जागृति का प्रतीक नमोकार मंत्र का सामूहिक जाप
कटनी-गुरुवार को विश्व नमोकार दिवस के अवसर पर बड़गांव में स्थानीय जैन समाज के द्वारा णमोकार महामंत्र का सामूहिक जाप किया गया। प्रतिवर्ष 9 अप्रैल को विश्व स्तर पर विश्व नमोकार दिवस (विश्व नवकार महामंत्र दिवस) मनाया जाता है। यह दिवस जैन परंपरा के सबसे पवित्र और शक्तिशाली मंत्र नमोकार महामंत्र (जिसे नवकार मंत्र भी कहा जाता है) को समर्पित है। जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गनाइजेशन (JITO) और अन्य जैन संगठनों के सहयोग से यह आयोजन वैश्विक स्तर पर होता है, जिसमें 100 से अधिक देशों के लाखों लोग शामिल होते हैं।विश्व भर में निवासरत जैन समुदाय के लोगों के द्वारा इस दिन स्टैंडर्ड समयानुसार सुबह 8 बजकर 1 मिनट पर णमोकार महामंत्र का पाठ प्रारंभ करते हुए आध्यात्मिक शांति का वातावरण स्थापित किया जाता है।समूचे विश्व में एक ही समय पर लाखों लोगों द्वारा आयोजित इस मंत्र जाप का रिकार्ड भी बन चुका है। यह मंत्र जैन धर्म का मूल मंत्र है। यह किसी देवता से वरदान मांगने वाला मंत्र नहीं है, बल्कि पांच परमेष्ठियों (आध्यात्मिक रूप से उच्चतम आत्माओं) को नमन करने वाला श्रद्धा का मंत्र है।
यह दिवस केवल जैन समुदाय तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे विश्व के लिए शांति, अहिंसा, करुणा और आध्यात्मिक एकता का संदेश लेकर आता है। आज के युग में जब युद्ध, हिंसा, तनाव और असहिष्णुता बढ़ रही है, तब नमोकार मंत्र का सामूहिक जाप विश्व शांति का शंखनाद बन जाता है।
इस मंत्र के जाप से
मन की शुद्धि होती है तथा
नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। इसका पूर्ण रूप इस प्रकार है:
णमो अरिहंताणं णमो सिद्धाणं
णमो आयरियाणं णमो उवज्झायाणं
णमो लोए सव्व साहूणं
एसो पंच णमोक्कारो, सव्व पावप्पणासणो मंगलाणं च सव्वेसिं, पढमं हवई मंगलं।।इसका हिंदी अनुवाद “अरिहंतों (जिन्होंने आंतरिक शत्रुओं पर विजय पाई है) को नमस्कार।
णमो सिद्धाणं: सिद्धों (पूर्ण मुक्त आत्माओं) को नमस्कार।
णमो आयरियाणं: आचार्यों (आध्यात्मिक संतों ) को नमस्कार।
णमो उवज्झायाणं: उपाध्यायों (शास्त्रों के ज्ञाता) को नमस्कार।
णमो लोए सव्व साहूणं: संसार के सभी साधुओं (मुनियों) को नमस्कार। यह पांच नमस्कार सभी पापों का नाश करने वाला और सभी मंगलों में प्रथम मंगल है। इस मंत्र के जाप से आंतरिक शांति और सकारात्मकता बढ़ती है। कर्मों का क्षय होता है और आध्यात्मिक प्रगति होती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने भी इस दिवस पर भाग लेते हुए नौ संकल्पों का प्रस्ताव रखा है, जो ज्ञान, कर्म, सद्भाव और प्रगति पर आधारित हैं। कई देशों में हजारों स्थानों पर सामूहिक जाप आयोजित होते हैं।
9 अप्रैल को सुबह 8 बजे से विशेष समय पर विश्वभर में एक साथ नमोकार मंत्र का जाप प्रारंभ किया जाता है जो सुबह 9:36AM तक जारी रहता है। लोग घरों, जिनालयों, कार्यालयों और सार्वजनिक स्थानों पर इकट्ठा होकर मंत्र का उच्चारण करते हैं। ऑनलाइन लाइव प्रसारण के माध्यम से लाखों लोग जुड़ते हैं।अहिंसा और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों पर चर्चा होती है। विश्व कल्याण के लिए प्रार्थना की जाती है। विश्व नमोकार दिवस हमें याद दिलाता है कि सच्ची शक्ति बाहरी नहीं, बल्कि आंतरिक होती है। जब हम एक साथ नमस्कार करते हैं, तो हम न केवल अपने अंदर की दिव्यता को जगाते हैं, बल्कि पूरे विश्व में सकारात्मक कंपन फैलाते हैं।

