मायावती ने क्यों ली आकाश आनंद की परीक्षा? बुलंदशहर रैली में बसपा संयोजक ने छलकाया दर्द; बोले- “बहुजन समाज के लिए सब कुछ त्यागने को तैयार”
बुलंदशहर/लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (BSP) के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद ने बुधवार को बुलंदशहर में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए अपनी बुआ और बसपा सुप्रीमो मायावती से हुई अपनी बातचीत के भावुक पलों को साझा किया। उन्होंने रैली में बताया कि जब मायावती ने उन्हें पार्टी पद से हटाकर सजा दी थी, तब उन्होंने उनसे सवाल किया था कि वे हर बार केवल उनकी ही कड़ी परीक्षा क्यों लेती हैं।
“मायावती ने दिया बाबा साहेब और कांशीराम के संघर्ष का उदाहरण”
आकाश आनंद ने मंच से खुलासा करते हुए कहा कि जब उन्होंने मायावती से बार-बार ली जाने वाली परीक्षा पर सवाल पूछा, तो मायावती ने उन्हें महापुरुषों के संघर्षों की याद दिलाई:
जिम्मेदारी बिना परीक्षा के नहीं मिलती: मायावती ने उनसे पूछा कि क्या बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने अपनी आखिरी सांस तक समाज के हक के लिए संघर्ष नहीं किया था? इसके बाद उन्होंने बसपा संस्थापक मान्यवर कांशीराम के जीवन और उनके कड़े संघर्षों का भी उदाहरण दिया।
बड़ा आंदोलन, बड़ी परीक्षा: मायावती ने स्पष्ट किया कि जब इतना बड़ा बहुजन आंदोलन और पूरा समाज सामने हो, तो इतनी बड़ी जिम्मेदारी बिना परीक्षा लिए नहीं सौंपी जा सकती।
“आंखों में आ गए आंसू, त्याग के लिए तैयार”
आकाश आनंद ने बताया कि मायावती की यह बात सुनकर उनकी आंखों में आंसू आ गए थे। इसके बाद उन्होंने बहन जी से कहा, “आप जितनी परीक्षा लेना चाहें, लीजिए… बहुजन समाज के अधिकारों और इस आंदोलन के लिए मैं अपना सब कुछ त्यागने को तैयार हूं।”
जनसभा में आकाश आनंद ने सार्वजनिक रूप से मायावती के प्रति अपना गहरा आभार व्यक्त किया और कहा कि वे बिना किसी हिचकिचाहट के बहन जी के पदचिह्नों पर चलते रहेंगे और लगातार बहुजन समाज के लिए काम करते रहेंगे।














