Latest

Weather Forecast: उत्तर भारत में बढ़ेगी ठंड, अगले दो दिनों तक शीत लहर, इन राज्यों में 5 दिनों तक होगी भारी बारिश

Weather Forecast: उत्तर भारत में अगले दो दिनों में सीजन की पहली शीत लहर देखने को मिल सकती है। मौसम विभाग ने पंजाब, हरियाणा और उत्तरी राजस्थान के कुछ हिस्सों में शीत लहर की संभावना को देखते हुए अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग शीत लहर की घोषणा तब करता है जब न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला जाता है या दो दिनों के लिए सामान्य से 4.5 डिग्री कम हो जाता है. मैदानी इलाकों में न्यूनतम तापमान 4 डिग्री से कम होने पर भी शीत लहर की घोषणा कर दी जाती है।

तापमान कम होने के दो कारण

आईएमडी पुणे में वैज्ञानिक और जलवायु अनुसंधान और सेवाओं के प्रमुख डीएस पाई के मुताबिक, तापमान के कम होने के दो तरीके हैं. एक तो साफ आसमान, जिसकी वजह से सतह से गर्मी तेजी से वापस लौटती है. इसे रेडिएशनल कूलिंग कहते हैं. फिलहाल उत्तर पश्चिम भारत में अब आसमान साफ ​​​​है.

ठंड बढ़ने का दूसरा कारण है, हिमालय से होकर गुजरने वाले उत्तर-पश्चिमी ठंडी और शुष्क हवाओं का बहना. इन हवाओं के मैदानी इलाकों में पहुंचते ही ठंड बढ़ जाती है. वर्तमान में अरब सागर के ऊपर एक कम दबाव का क्षेत्र विकसित हुआ है जो परोक्ष रूप से पूरे उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में उत्तर-पश्चिमी हवाओं के प्रवेश में मदद करता है. ऐसा सर्दियों में होता है. अरब सागर के ऊपर लगातार कम दबाव का क्षेत्र बना है.

अगले पांच दिनों तक इन राज्यों में भारी बारिश

एक चक्रवाती संरचना दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी और उसके आस-पास के निचले क्षोभमंडल में बना हुआ है. मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 4-5 दिनों में इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर, तमिलनाडु तट की ओर बढ़ने की संभावना है. एक टर्फ रेखा (निम्न दबाव की रेखा) दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी और उसके पड़ोस पर बने चक्रवाती परिसंचरण से लेकर तमिलनाडु तट तक फैली है. इसके कारण, अगले 5 दिनों के दौरान कर्नाटक, केरल, माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में मध्यम से भारी वर्षा होने की संभावना है।

 

दिल्ली में 17 नवंबर को न्यूनतम तापमान 9.6 डिग्री और रविवार को 9.8 डिग्री तक गिर गया, दोनों दिनों में तापमान सामान्य से 3 डिग्री कम रहा. आरके जेनामणि के मुताबिक, दिल्ली में भी न्यूनतम तापमान में गिरावट की संभावना है, लेकिन शीत लहर की संभावना नहीं है. हालांकि, हरियाणा और पंजाब में शीत लहर दर्ज की जा सकती है. सोमवार को न्यूनतम तापमान 11.4 डिग्री रहा. हरियाणा के हिसार में सोमवार को सामान्य से चार डिग्री कम 7.2 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।

तापमान कम होने के दो कारण

आईएमडी पुणे में वैज्ञानिक और जलवायु अनुसंधान और सेवाओं के प्रमुख डीएस पाई के मुताबिक, तापमान के कम होने के दो तरीके हैं. एक तो साफ आसमान, जिसकी वजह से सतह से गर्मी तेजी से वापस लौटती है. इसे रेडिएशनल कूलिंग कहते हैं. फिलहाल उत्तर पश्चिम भारत में अब आसमान साफ ​​​​है।

ठंड बढ़ने का दूसरा कारण है, हिमालय से होकर गुजरने वाले उत्तर-पश्चिमी ठंडी और शुष्क हवाओं का बहना. इन हवाओं के मैदानी इलाकों में पहुंचते ही ठंड बढ़ जाती है. वर्तमान में अरब सागर के ऊपर एक कम दबाव का क्षेत्र विकसित हुआ है जो परोक्ष रूप से पूरे उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में उत्तर-पश्चिमी हवाओं के प्रवेश में मदद करता है. ऐसा सर्दियों में होता है. अरब सागर के ऊपर लगातार कम दबाव का क्षेत्र बना है।

अगले पांच दिनों तक इन राज्यों में भारी बारिश

एक चक्रवाती संरचना दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी और उसके आस-पास के निचले क्षोभमंडल में बना हुआ है. मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 4-5 दिनों में इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर, तमिलनाडु तट की ओर बढ़ने की संभावना है. एक टर्फ रेखा (निम्न दबाव की रेखा) दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी और उसके पड़ोस पर बने चक्रवाती परिसंचरण से लेकर तमिलनाडु तट तक फैली है. इसके कारण, अगले 5 दिनों के दौरान कर्नाटक, केरल, माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में मध्यम से भारी वर्षा होने की संभावना है।

मौसम विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक आरके जेनामणि ने बताया, मैदानी इलाकों में ठंडी हवा की एंट्री की उम्मीद हैं. हालांकि, दिल्ली में, शीत लहर फिलहाल नहीं चलेगी, लेकिन न्यूनतम तापमान गिरकर लगभग 8 से 9 डिग्री तक आ जाएगा, जो सामान्य से लगभग 3 से 4 डिग्री कम है. इस दौरान ग्रामीण इलाकों में, शीत लहर की स्थिति बनने की संभावना है।

Back to top button