भोपाल से उड़ा गिद्ध 6 दिन में पहुंचा पाकिस्तान, 1200KM उड़ान के बाद तूफान में घायल—WWF ने किया रेस्क्यू। मध्य प्रदेश से छोड़ा गया एक गिद्ध अंतरराष्ट्रीय सीमाएं पार कर पाकिस्तान पहुंच गया, जिसने वन्यजीव संरक्षण एजेंसियों को चौंका दिया। करीब 1200 किलोमीटर की लंबी उड़ान भरते हुए यह गिद्ध महज 6 दिनों में भारत से पाकिस्तान पहुंच गया।
GPS ट्रैकिंग से सामने आया पूरा सफर
गिद्ध को 30 मार्च 2026 को भोपाल के पास हलाली डैम क्षेत्र से ट्रैकिंग डिवाइस के साथ खुले आसमान में छोड़ा गया था। शुरुआती दिनों में इसकी गतिविधि सामान्य रही, लेकिन जल्द ही यह राजस्थान होते हुए सीमा पार कर पाकिस्तान के खानेवाल इलाके तक पहुंच गया।
7 अप्रैल को अचानक इसका GPS सिग्नल बंद हो गया, जिससे अधिकारियों की चिंता बढ़ गई।
भारत-पाकिस्तान के बीच चला रेस्क्यू मिशन
गिद्ध का सिग्नल गायब होते ही World Wide Fund for Nature (WWF) और वन विभाग की टीमें सक्रिय हो गईं। भारत की WWF शाखा ने पाकिस्तान की टीम और वहां के वन्यजीव विभाग से संपर्क किया।
दोनों देशों के समन्वय और स्थानीय लोगों की मदद से आखिरकार गिद्ध को पाकिस्तान में सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया।
तूफान में घायल, इलाज जारी
जानकारी के मुताबिक खानेवाल और मुल्तान क्षेत्र में आए तेज ओलावृष्टि तूफान के कारण गिद्ध घायल हो गया था। रेस्क्यू के बाद उसे चंगा मंगा वल्चर ब्रीडिंग सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है।
राहत की बात यह है कि गिद्ध अब धीरे-धीरे स्वस्थ हो रहा है और सामान्य रूप से भोजन भी कर रहा है।
संरक्षण के लिए अहम संकेत
यह घटना न सिर्फ वन्यजीवों की लंबी दूरी की उड़ान क्षमता को दर्शाती है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संरक्षण सहयोग की जरूरत और अहमियत को भी उजागर करती है।

