UP Cabinet Decision: शाहजहांपुर का जलालाबाद अब कहलाएगा ‘भगवान परशुराम पुरी’; 28 अहम प्रस्तावों पर लगी मुहर
UP Cabinet Decision: शाहजहांपुर का जलालाबाद अब कहलाएगा 'भगवान परशुराम पुरी'; 28 अहम प्रस्तावों पर लगी मुहर

UP Cabinet Decision: शाहजहांपुर का जलालाबाद अब कहलाएगा ‘भगवान परशुराम पुरी’; 28 अहम प्रस्तावों पर लगी मुहर
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार (6 जुलाई 2026) को लोकभवन में आयोजित उत्तर प्रदेश कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक में कई बड़े और ऐतिहासिक फैसलों पर मुहर लगी है। इस बैठक में विभिन्न विभागों से जुड़े कुल 29 प्रस्ताव कैबिनेट के सामने रखे गए थे, जिनमें से व्यापक विचार-विमर्श के बाद 28 प्रस्तावों को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी गई। हालांकि, संवेदनशीलता और तकनीकी कारणों को देखते हुए मदरसे से संबंधित एक प्रस्ताव को फिलहाल के लिए स्थगित (Postpone) कर दिया गया है।
इस कैबिनेट बैठक का सबसे बड़ा और सुर्खियों में रहने वाला फैसला शाहजहांपुर जिले से जुड़ा है, जहां पौराणिक महत्व को देखते हुए ऐतिहासिक कस्बे का नाम बदल दिया गया है।
अकबर कालीन ‘जलालाबाद’ का नाम अब ‘परशुरामपुरी’
योगी सरकार ने अपने नाम बदलने के सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए शाहजहांपुर जिले की जलालाबाद तहसील/नगर पालिका परिषद का नाम बदलकर अब ‘भगवान परशुराम पुरी’ करने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है।
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पौराणिक महत्व: कई प्राचीन ग्रंथों और मान्यताओं के अनुसार, इस कस्बे को भगवान परशुराम की पावन जन्मभूमि माना जाता है। यहां हजारों साल पुराना एक प्राचीन मंदिर और आश्रम भी है, जिसे वर्ष 2022 में सरकार ने परशुराम जन्मभूमि के रूप में आधिकारिक मान्यता दी थी।
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नाम का इतिहास: स्थानीय इतिहास के अनुसार, मुगल काल में इस जगह का नाम बदलकर मुगल बादशाह जलालुद्दीन अकबर के सम्मान में ‘जलालाबाद’ रख दिया गया था, जिसे अब सरकार ने बदलकर मूल स्वरूप दे दिया है।
कैबिनेट बैठक के अन्य 4 बड़े और मुख्य फैसले:
जलालाबाद का नाम बदलने के अलावा, सरकार ने प्रदेश के युवाओं, स्वास्थ्य और सुरक्षाकर्मियों के हित में कई दूरगामी नीतियां लागू की हैं:
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यूपी स्टार्टअप नीति-2026 को मंजूरी: प्रदेश में रोजगार और इनोवेशन (नवाचार) आधारित अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए नई स्टार्टअप नीति को स्वीकृति दी गई है, जिससे प्रदेश के युवाओं को बिजनेस शुरू करने में बड़ी सब्सिडी मिलेगी।
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गोरखपुर और मुरादाबाद में नए मेडिकल कॉलेज: चिकित्सा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए कैबिनेट ने गोरखपुर और मुरादाबाद जिलों में 100-100 बेड के नए मेडिकल कॉलेजों के निर्माण को मंजूरी दी है।
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होमगार्ड्स को कैशलेस इलाज की सौगात: उत्तर प्रदेश के करीब 1.60 लाख से ज्यादा होमगार्ड जवानों और उनके आश्रित परिवारों के लिए बड़ी राहत की खबर है। अब उन्हें भी सरकारी कर्मचारियों की तर्ज पर राज्य में ‘कैशलेस इलाज’ की बेहतरीन सुविधा मिलेगी।
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डेटा सेंटर नीति-2026: आईटी और टेक सेक्टर में निवेश आकर्षित करने के लिए सरकार ने नई डेटा सेंटर नीति को भी मंजूरी दी है।
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मदरसा प्रस्ताव पर क्यों लगी रोक? सूत्रों के मुताबिक, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की ओर से मदरसों के आधुनिकीकरण और नियमों में कुछ संशोधनों को लेकर एक प्रस्ताव रखा गया था। लेकिन कुछ बिंदुओं पर मंत्रियों और खुद मुख्यमंत्री द्वारा और अधिक समीक्षा व कानूनी परामर्श की आवश्यकता जताए जाने के कारण इसे फिलहाल स्थगित कर दिया गया।








