उत्तरप्रदेशFEATURED

ताजमहल या तेजो महालय? परिसर के वैज्ञानिक सर्वे की मांग लेकर इलाहाबाद हाई कोर्ट पहुंचे याचिकाकर्ता, सोमवार को अहम सुनवाई

ताजमहल या तेजो महालय? परिसर के वैज्ञानिक सर्वे की मांग लेकर इलाहाबाद हाई कोर्ट पहुंचे याचिकाकर्ता, सोमवार को अहम सुनवाई

ताजमहल या तेजो महालय? परिसर के वैज्ञानिक सर्वे की मांग लेकर इलाहाबाद हाई कोर्ट पहुंचे याचिकाकर्ता, सोमवार को अहम सुनवाई

प्रयागराज: दुनिया के सात अजूबों में शामिल आगरा के ऐतिहासिक ताजमहल को ‘तेजो महालय’ शिव मंदिर होने का दावा करने वाले विवाद में एक नया और बड़ा मोड़ आ गया है। ताजमहल परिसर का वैज्ञानिक सर्वेक्षण (Scientific Survey) कराने और इसके लिए एक ‘सर्वे कमिश्नर’ नियुक्त करने की मांग को लेकर अब देश की प्रतिष्ठित इलाहाबाद हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया है।

अदालती सूत्रों के मुताबिक, हाई कोर्ट इस बेहद महत्वपूर्ण याचिका पर आगामी सोमवार (6 जुलाई) को सुनवाई कर सकता है।

निचली अदालतों के फैसले को दी चुनौती

यह याचिका आगरा की जिला अदालत और सिविल जज (सीनियर डिवीजन) के उन आदेशों के खिलाफ दायर की गई है, जिन्होंने विवादित परिसर के सर्वे के लिए ‘एडवोकेट कमीशन’ नियुक्त करने की मांग वाली अर्जी को खारिज कर दिया था। ताजमहल या तेजो महालय? परिसर के वैज्ञानिक सर्वे की मांग लेकर इलाहाबाद हाई कोर्ट पहुंचे याचिकाकर्ता, सोमवार को अहम सुनवाई

याचिकाकर्ताओं के अनुसार, ताजमहल परिसर में ‘भगवान श्री अग्रेश्वर महादेव नागनाथेश्वर विराजमान तेजो महालय मंदिर’ होने के दावे से जुड़ा मुख्य दीवानी मुकदमा साल 2015 से ही आगरा की सिविल कोर्ट में लंबित है।

RBI की बड़ी कार्रवाई: ग्राहकों से ज्यादा ब्याज वसूलने पर ‘बैंक ऑफ बड़ौदा’ पर लगा ₹63 लाख का जुर्माना, GIC हाउसिंग भी फंसी

मुख्य मुकदमे में क्या है मांग?

आगरा की अदालत में लंबित मुख्य मुकदमे में अदालत से यह घोषित करने का आग्रह किया गया है कि ताजमहल का वर्तमान ढांचा वास्तव में एक प्राचीन हिंदू शिव मंदिर (तेजो महालय) है।

  • इसी केस की सुनवाई के दौरान कोर्ट के सामने साक्ष्य (सबूत) जुटाने के लिए परिसर का सर्वेक्षण कराने का प्रार्थना पत्र दिया गया था।

  • हालांकि, निचली अदालतों ने यह कहते हुए इसे खारिज कर दिया था कि मुकदमे के इस शुरुआती स्तर पर सर्वे का ऐसा कोई आदेश नहीं दिया जा सकता।

किसने दायर की याचिका और कौन हैं विपक्षी?

यह कानूनी लड़ाई बेहद दिलचस्प मोड़ पर है। हाई कोर्ट में यह याचिका स्वयं ‘भगवान श्री अग्रेश्वर महादेव नागनाथेश्वर विराजमान तेजो महालय’ की ओर से उनके ‘वाद मित्र’ (Next Friend) और देश के प्रसिद्ध वरिष्ठ अधिवक्ता हरिशंकर जैन तथा पांच अन्य सनातन धर्मियों द्वारा संयुक्त रूप से दाखिल की गई है।

इस याचिका में मुख्य रूप से इन पक्षों को प्रतिवादी (विपक्षी) बनाया गया है:

  1. भारत सरकार (गृह और संस्कृति मंत्रालय)

  2. भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) 3. दो अन्य संबंधित पक्षकार

हाई कोर्ट की भूमिका पर नजरें: ज्ञानवापी और शाही ईदगाह (मथुरा) विवाद के बाद अब ताजमहल परिसर के सर्वे की यह मांग कानूनी रूप से बेहद अहम मानी जा रही है। अब इलाहाबाद हाई कोर्ट इस बात पर विचार करेगा कि क्या ऐतिहासिक परिसर की वास्तविक स्थिति और धार्मिक इतिहास को स्पष्ट करने के लिए वैज्ञानिक सर्वेक्षण की अनुमति दी जानी चाहिए या नहीं। समूचे देश की नजरें सोमवार को होने वाली इस सुनवाई पर टिकी हैं।

Back to top button