लाड़ली बहना योजना की राशि बढ़ाने और वेरिफिकेशन के नाम पर महिलाओं से ठगी, दो आरोपी गिरफ्तार,नगर निगम कर्मचारी बनकर घर पहुंचे थे आरोपी, मोबाइल में ऐप डाउनलोड कराकर बनाई फर्जी आईडी; 12 घंटे में पुलिस ने किया खुलासा

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लाड़ली बहना योजना की राशि बढ़ाने और वेरिफिकेशन के नाम पर महिलाओं से ठगी, दो आरोपी गिरफ्तार,नगर निगम कर्मचारी बनकर घर पहुंचे थे आरोपी, मोबाइल में ऐप डाउनलोड कराकर बनाई फर्जी आईडी; 12 घंटे में पुलिस ने किया खुलासा

कटनी। लाड़ली बहना योजना की राशि बढ़वाने और वेरिफिकेशन कराने का झांसा देकर महिलाओं से धोखाधड़ी करने वाले दो आरोपियों को रंगनाथनगर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी नगर निगम कर्मचारी बनकर महिलाओं के घर पहुंचते थे और उनके मोबाइल में ऐप डाउनलोड कराकर व्यक्तिगत जानकारी हासिल करने के साथ फर्जी आईडी तैयार करते थे। पुलिस ने घटना के महज 12 घंटे के भीतर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

पुलिस के अनुसार, रामनिवास सिंह वार्ड में मस्जिद के पीछे रहने वाली 21 वर्षीय जीनत फातिमा ने 3 नवंबर को रंगनाथनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया कि 2 नवंबर को दो अज्ञात युवक नगर निगम कर्मचारी बनकर उसके घर पहुंचे। आरोपियों ने लाड़ली बहना योजना की राशि बढ़वाने और योजना के वेरिफिकेशन का झांसा दिया। इस दौरान उन्होंने फरियादिया, उसकी मां और मोहल्ले की अन्य पांच-छह महिलाओं की फोटो अपने मोबाइल से खींची। साथ ही महिलाओं के मोबाइल में एक ऐप डाउनलोड करवाकर दूसरे नामों से आईडी बनाई और उनकी व्यक्तिगत जानकारी हासिल कर धोखाधड़ी की।

शिकायत पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 464/2026 के तहत धारा 318(4), 3(5) बीएनएस में मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल मौर्य एवं उप पुलिस अधीक्षक कटनी के मार्गदर्शन में आरोपियों की तलाश के लिए टीम गठित की गई।

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पुलिस ने मुखबिर तंत्र सक्रिय कर लगातार पतासाजी की और घटना के 12 घंटे के भीतर एनकेजे थाना क्षेत्र के दुर्गा चौक, खिरहनी से दोनों संदिग्धों को पकड़ लिया। पूछताछ में उनकी पहचान सूर्यांश तिवारी (23), निवासी वेंकट नगर, थाना जैतहरी, जिला अनूपपुर तथा विशाल अग्निहोत्री (21), निवासी ग्राम गण्डाह, थाना समरेर, जिला बदायूं (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई। दोनों वर्तमान में दुर्गा चौक, कटनी में रह रहे थे।

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे किसी अन्य व्यक्ति के कहने पर लोगों की आईडी बनाने का काम करते थे और प्रत्येक आईडी के बदले उन्हें 600 रुपये मिलते थे। पुलिस अब इस मामले में शामिल अन्य आरोपी की तलाश कर रही है।

अनजान लोगों को जानकारी देने से बचें

कटनी पुलिस ने महिलाओं सहित आम नागरिकों से अपील की है कि शासकीय योजनाओं का लाभ बढ़ाने, वेरिफिकेशन कराने या अतिरिक्त राशि दिलाने के नाम पर किसी अनजान व्यक्ति को अपनी फोटो, व्यक्तिगत जानकारी, ओटीपी अथवा बैंक संबंधी विवरण न दें। किसी के कहने पर मोबाइल में अनजान ऐप डाउनलोड न करें और न ही संदिग्ध लिंक पर क्लिक करें। ऐसी किसी भी गतिविधि की जानकारी तत्काल नजदीकी थाने या साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दें।

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी सिद्धार्थ राय, सहायक उपनिरीक्षक बहादुर सिंह, प्रधान आरक्षक लालजी यादव, रामनरेश शुक्ला तथा आरक्षक वीरेन्द्र दहायत, संजय पाण्डेय और सतेन्द्र सिंह की सराहनीय भूमिका रही।