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वन विभाग की हिरासत में पूछताछ के दौरान आदिवासी बुजुर्ग की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल में मौत, कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

वन विभाग की हिरासत में पूछताछ के दौरान आदिवासी बुजुर्ग की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल में मौत, कार्यप्रणाली पर उठे सवा

कटनी-जिले के सिमरिया वन परिक्षेत्र से एक बेहद दुखद और संवेदनशील मामला सामने आया है। यहाँ वन्यजीव शिकार के संदेह में पूछताछ के लिए लाए गए 65 वर्षीय एक आदिवासी बुजुर्ग, फूलचंद कोल, की तबीयत बिगड़ गई और अस्पताल में उनकी मौत हो गई है। इस घटना के बाद से वन विभाग की कार्यप्रणाली और हिरासत में लिए गए व्यक्ति की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

क्या है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार, सिमरिया वन परिक्षेत्र के ग्राम सेमरा निवासी फूलचंद कोल (65) को बुधवार को वन विभाग की टीम ने हिरासत में लिया था। अधिकारियों को संदेह था कि वे किसी शिकार की घटना में शामिल थे। इसी आधार पर उन्हें पूछताछ के लिए सिमरिया रेंज कार्यालय लाया गया था।

*पूछताछ के दौरान बिगड़ी तबीयत*
परिजनों और प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, रेंज कार्यालय में पूछताछ के दौरान फूलचंद की तबीयत अचानक खराब हो गई। उनकी हालत बिगड़ती देख वन विभाग के कर्मचारी उन्हें आनन-फानन में देर शाम जिला अस्पताल ले गए। बताया जा रहा है कि अस्पताल पहुँचते समय उनकी स्थिति बेहद नाजुक थी।

*डॉक्टरों का बयान: “ब्लड प्रेशर 200 के पार था”*
जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि जब बुजुर्ग को इलाज के लिए लाया गया, तब उनका ब्लड प्रेशर (BP) 200 से अधिक था, जो कि एक जानलेवा स्तर माना जाता है। डॉक्टरों ने तत्काल प्राथमिक उपचार शुरू किया, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद कुछ ही घंटों के भीतर फूलचंद कोल ने दम तोड़ दिया।

वन विभाग की सफाई
इस मामले पर सिमरिया के रेंज अधिकारी कार्तिकेय भट्ट ने कहा है कि बुजुर्ग को केवल पूछताछ के लिए लाया गया था। उन्होंने बताया कि विभाग को ऐसी जानकारी मिली है कि बुजुर्ग पहले से ही किसी गंभीर बीमारी से ग्रसित थे और पूछताछ के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल भेजा गया।

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