नई दिल्ली: अगर आप भी ट्रेन में सफर के दौरान मोबाइल ऐप या वेबसाइट के जरिए खाना (Food On Track) ऑर्डर करते हैं, तो यह खबर आपके लिए एक बड़ा ‘अलर्ट’ है। भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (IRCTC) ने ट्रेन यात्रियों के साथ ठगी और फर्जीवाड़ा करने वाली कुछ बेहद लोकप्रिय ई-कैटरिंग साइट्स और ऐप्स के खिलाफ एक बड़ी और सख्त कानूनी कार्रवाई की है।
ये सभी अनधिकृत (Unauthorized) प्लेटफॉर्म्स आईआरसीटीसी के नाम और ब्रांड का गलत इस्तेमाल कर लोगों को झांसा देते थे, उनसे पैसे ऐंठते थे और उनकी संवेदनशील जानकारी (Personal Data) चुराते थे।
PNR और पेमेंट की जानकारी लेकर करते थे ‘खेल’
रेलवे सफर के दौरान ‘मील ऑन व्हील्स’ यानी सीटों पर खाना पहुंचाने के नाम पर कई तरह की वेबसाइट और ऐप सक्रिय हैं। आईआरसीटीसी के मुताबिक, ये निजी प्लेटफॉर्म्स उनकी आधिकारिक लिस्ट में बिल्कुल शामिल नहीं हैं। इसके बावजूद ये फर्जी प्लेटफॉर्म्स यात्रियों का भरोसा जीतने के लिए आईआरसीटीसी का रेफरेंस देते थे।
ये साइट्स खाना बुक करने के बहाने यात्रियों से उनका PNR नंबर, ई-मेल, मोबाइल नंबर और सबसे संवेदनशील— पेमेंट (बैंक/कार्ड) संबंधी जानकारी ले लेते थे। कई बार ऐसा देखा गया कि यात्रियों से ऑनलाइन पैसे तो कट जाते थे, लेकिन सफर के दौरान उन्हें खाना नसीब ही नहीं होता था।
इन 14 नामी वेबसाइटों और ऐप्स पर हुआ बड़ा एक्शन (Blacklist):
आईआरसीटीसी ने जिन अवैध ऑपरेटर्स और अनधिकृत ई-कैटरिंग पोर्टल्स की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी चाबुक चलाया है, उनके नाम नीचे दिए गए हैं। अगली बार ट्रेन में खाना मंगाते वक्त इन नामों से जरूर दूरी बना लें:
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railrestro.com / railrestro.in
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railmitra.com
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travelkhana.com
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trainscafe.com
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dibrail.com
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railfood.net
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comesum.com
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travelerfood.com
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foodontrack.in
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ecatering.app
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khanaonline.in
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trainway.in
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railmeal.com
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trainmenu.com
पहले नोटिस थमाया, नहीं सुधरे तो दर्ज कराई क्रिमिनल FIR
आईआरसीटीसी इस फर्जीवाड़े को रोकने के लिए पिछले कई महीनों से तैयारी कर रहा था। इस एक्शन की क्रोनोलॉजी कुछ इस प्रकार है:
- 18 फरवरी: आईआरसीटीसी ने सबसे पहले इन सभी अवैध वेबसाइट्स और ऐप्स को कानूनी नोटिस जारी कर अपनी हरकतें बंद करने को कहा था।
- 16 मार्च 2026: नोटिस का कोई असर न होते देख रेलवे ने इन अवैध ऑपरेटर्स के खिलाफ पहली आपराधिक शिकायत (Criminal Complaint) दर्ज कराई।
- 11 अप्रैल 2026: इसके बाद भी बाज न आने वाले ऑपरेटर्स के खिलाफ दूसरी बड़ी शिकायत दर्ज कराई गई, जिसके बाद अब इन पर पूरी तरह शिकंजा कस दिया गया है। Train Me khana mna hy: सावधान- ट्रेन में खाना ऑर्डर करने वाले 14 ऐप्स और वेबसाइट्स पर IRCTC का बड़ा एक्शन; फर्जीवाड़ा कर यात्रियों से ठगते थे पैसे, देखें पूरी लिस्ट
कितना बड़ा है IRCTC का असली नेटवर्क?
आईआरसीटीसी ने साफ किया है कि उसकी आधिकारिक ई-कैटरिंग सेवा बेहद सुरक्षित और विशाल है। आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल 2026 तक आईआरसीटीसी की असली ई-कैटरिंग सेवा देश के 400 से अधिक रेलवे स्टेशनों पर सफलतापूर्वक चल रही है।
इस प्रामाणिक नेटवर्क से 629 सीधे विक्रेता और 13 अधिकृत फूड एग्रीगेटर्स के माध्यम से 5,604 से अधिक वेंडर जुड़े हुए हैं। इस आधिकारिक सुविधा के जरिए आरक्षित ट्रेनों के यात्रियों को उनकी सीट तक सुरक्षित भोजन पहुंचाया जाता है। अप्रैल 2026 के रिकॉर्ड के अनुसार, इस आधिकारिक सेवा के जरिए प्रतिदिन औसतन 1.55 लाख से अधिक भोजन ऑर्डर किए जा रहे हैं। इसलिए यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे केवल आईआरसीटीसी के आधिकारिक ऐप या वेबसाइट (ecatering.irctc.co.in) का ही उपयोग करें।