वैसे यह एक सराहनीय कदम है जो बेंगलुरू ट्रैफिक पुलिस द्वारा चलाया जा रहा है। लोगों को बहुत ही असानी से इस बात के लिए सचेत किया जा रहा है कि सड़क नियमों का उल्लंघन आपकी जान के लिए कितना बड़ा खतरा बन सकता है।
इतना ही नहीं ये यमराज जिन बाइक सवारों ने हेलमेट नहीं पहना था, उनके पीछे गदा लेकर दौड़ते हुए भी नजर आए। नियम तोड़ने वालों को चेताने के लिए यमराज का रूप धारण किए हुए कलाकार का उपयोग किया गया। कलाकार ने यातायात के नियमों का उल्लंघन करने वालों को चेतावनी देते हुए समझाया कि अगर वे ट्रैफिक नियमों का पालन नहीं करते हैं तो यमराज उनके घर आएंगे।
ये आइडिया हलासुरु गेट यातायात पुलिस का था। हलासुरु गेट यातायात पुलिस ने लोगों में ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरुकता फैलाने के लिये ‘यमराज’ को अपना ब्रैंड एम्बेसडर बनाया है, ताकि लोगों में यह संदेश जाए कि अगर वे हेलमेट के बगैर लापरवाही से वाहन चलाते हैं या यातायात नियमों का उल्लंघन करते हैं तो यह उनके जीवन के लिये खतरनाक हो सकता है।
कलाकार जो ‘यमराज’ बने हैं उनका नाम वीरेश है। उन्होंने उन मोटर चालकों को चेतावनी दी जो यातायात नियमों का उल्लंघन कर रहे थे। इस कार्यक्रम का उद्देश्य पैदल चलने वालों और मोटर चालकों दोनों के बीच जागरुकता पैदा करके, दुर्घटना के मामलों की संख्या को कम करना है। यमराज ने हेलमेट नहीं पहने बाइक सवारों को रोका और उनसे यातायात नियमों का पालन करने की अपील की और इसके साथ ही उन्हें गुलाब का फूल दिया।
यातायात पुलिस उपायुक्त अनुपम अग्रवाल ने बताया, ‘हम जुलाई को सड़क सुरक्षा माह के तौर मना रहे हैं। हम लोग स्कूल कॉलेजों में भाषण और नुक्कड़ नाटक जैसे कई कार्यक्रम भी करने वाले हैं।’ उन्होंने बताया, ‘इसके अलावा हमने ‘यम’ नामक चरित्र के इस्तेमाल का विचार किया ताकि लोगों में यह संदेश फैला सकें कि अगर उन्होंने यातायात नियमों का पालन नहीं किया तो यमराज उनके घर आ जाएगा।’
गौरतलब है कि देश में यातायात नियमों का उल्लंघन किए जाने की घटनाएं कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। यातायात पुलिस द्वारा दंड वसूलने के बावजूद घटनाओं में कमी नहीं आ रही है। देखा जा रहा है कि यातायात नियमों के उल्लंघन के मामले में युवा वर्ग सबसे आगे है। यातायात नियमों के उल्लंघन से सड़क दुर्घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है। इस साल जून तक 2336 दुर्घटनाएं हुईं। इन दुर्घटनाओं में से 330 घातक थीं।
