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Tokyo Olympics Super Sunday For Indian Women: मैरीकॉम की विजयी शुरुआत

छह बार की विश्व चैम्पियन एम सी मैरीकॉम (51 किग्रा) ने रविवार को शुरूआती दौर में डोमेनिका गणराज्य की मिगुएलिना हर्नांडिज गार्सिया को हराकर टोक्यो ओलंपिक खेलों के प्री क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। 2012 ओलंपिक खेलों की कांस्य पदक विजेता मैरीकॉम ने अपने से 15 साल जूनियर और पैन अमेरिकी खेलों की कांस्य पदक विजेता को 4-1 से शिकस्त दी। मुकाबला शुरू से काफी रोमांचक रहा जिसमें मैरीकॉम ने कुछ शानदार तकनीक दिखायी और गार्सिया की कड़ी चुनौती को पस्त किया।

मैरीकॉम ने जीत के बाद ‘मिक्स्ड जोन में कहा, ‘ महामारी के कारण पिछले दो वर्ष काफी दर्दनाक रहे हैं जब सबकुछ बंद था। हम सभी एक ही तरह की समस्याओं से जूझ रहे हैं और प्रत्येक खिलाड़ी को घर पर ट्रेनिंग करने पड़ी लेकिन हम मुक्केबाजों को ट्रेनिंग जोड़ीदार की जरूरत होती है। मैं भाग्यशाली हूं कि मैं उपकरणों के साथ छोटा सा जिम बना सकी लेकिन अभ्यास जोड़ीदार की कमी थी जो ‘आई कांटेक्ट और सब चीज के लिये काफी अहम होता है।’

 

मुकाबला शुरू से काफी रोमांचक रहा जिसमें मैरीकॉम ने कुछ शानदार तकनीक दिखायी और गार्सिया की कड़ी चुनौती को पस्त किया। पहले राउंड में मैरीकॉम ने अपनी प्रतिद्वंद्वी को परखने का समय लिया लेकिन इसके बाद अनुभवी मुक्केबाज ने तीसरे राउंड के तीन मिनट में आक्रामकता दिखायी। गार्सिया ने हालांकि दूसरे राउंड में कुछ दमदार मुक्कों से अंक जुटाये।

पहले राउंड में मैरीकॉम ने अपनी प्रतिद्वंद्वी को परखने का समय लिया लेकिन इसके बाद अनुभवी मुक्केबाज ने तीसरे राउंड के तीन मिनट में आक्रामकता दिखायी। गार्सिया ने हालांकि दूसरे राउंड में कुछ दमदार मुक्कों से अंक जुटाये। मैरीकॉम ने अपने दमदार ‘राइट हुक से पूरे मुकाबले के दौरान दबदबा बनाये रखा। उन्होंने गार्सिया को खुद की ओर बढ़ने के लिये उकसाया भी ताकि उन्हें सटीक मुक्के जड़ने के लिये जगह मिल जाये। डोमेनिका गणराज्य की मुक्केबाज ने कड़ी चुनौती पेश की लेकिन वह मुक्के सही तरीके से नहीं जड़ पायीं।

 

 

 

 

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम