तीन आदतन अपराधियों को जिले की राजस्व सीमाओं से 6 माह की अवधि तक किया निष्कासित

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कटनी (–कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी अवि प्रसाद ने गंभीर आपराधिक कृत्यों में लिप्त जिले के तीन आदतन अपराधियों के विरुद्ध मध्यप्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कार्यवाही करते हुए कटनी जिले की राजस्व सीमाओं से 6 माह की अवधि के लिए निष्कासित कर दिया है।

कलेक्टर श्री प्रसाद ने तीन आदतन अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई पुलिस अधीक्षक के प्रतिवेदन के आधार पर किया है। जिला दंडाधिकारी श्री प्रसाद ने दुर्गेश निषाद उम्र 24 वर्ष निवासी जगमोहन दास वार्ड कटनी के विरुद्ध वर्ष 2019 से मार्च 2024 तक कुल 7आपराधिक प्रकरण दर्ज होने और क्षेत्र में गुंडागर्दी, गाली-गलौज, अनुसूचित जाति, जनजाति वर्ग के लोगों को जातिगत रूप से अपमानित करने जैसे मामलों और दुर्गेश के आचरण में सुधार नहीं होने के कारण लोक शांति के नजरिए से जिले की सीमाओं से 6 माह के लिए निष्कासित किया है। इसी प्रकार राजेश यादव उम्र 26वर्ष निवासी पटना थाना बाकल के विरुद्ध बाकल थाना में आबकारी एक्ट के 6प्रकरण दर्ज है। इसलिए राजेश को भी 6 माह के लिए जिले की राजस्व सीमाओं से निष्कासित किया गया है। कलेक्टर ने अतुल उर्फ विकास वंशकार उम्र 20 वर्ष निवासी झर्रा टिकुरिया फारेस्टर वार्ड थाना रंगनाथ नगर के विरुद्ध वर्ष 2021 से वर्ष 2023 तक 4 मामले पंजीबद्ध हुए हैं।

इन तीनों अपराधियों के आचरण में सुधार नहीं होने और क्षेत्र की शांति भंग होने की संभावना के मद्देनजर इन्हें कलेक्टर श्री प्रसाद ने जिले की राजस्व सीमाओं से निष्कासित कर दिया है।

जिला दण्डाधिकारी  श्री प्रसाद ने तीनों अपराधियों क्रमशः दुर्गेश निषाद, राजेश यादव और अतुल उर्फ विकास वंशकार के आपराधिक कृत्यों को देखते हुए मध्यप्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम  के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुये इन तीनों व्यक्तियों को कटनी जिले की राजस्व सीमाओं तथा समीपवर्ती जबलपुर, मैहर, दमोह, पन्ना एवं उमरिया की राजस्व सीमाओं से 6 माह की अवधि के लिये निष्कासित किया है। निष्कासन  अवधि में कलेक्टर न्यायालय में लिखित अनुमति के बिना उल्लेखित क्षेत्र में प्रवेश न करें। लेकिन यदि इन तीनों के विरूध्द कोई प्रकरण कटनी जिले के किसी  दाण्डिक न्यायालय में चल रहा है तो वह नियत पेशी पर न्यायालय में उपस्थित हो सकेगा ।परंतु इसके पूर्व इन तीनों को संबंधित पुलिस थाना को लिखित में सूचना देनी होगी तथा पेशी होने के तुरंत पश्चात इस न्यायालय के आदेश का पालन करना होगा।