हरेमाधव वर्सी पर्व में उमड़ा श्रद्धा और भक्ति का सैलाब,9-10 अक्टूबर को मुख्य आयोजन, हजारों श्रद्धालुओं ने सतगुरु के दर्शन कर प्राप्त की महर कृपा
कटनी। हरेमाधव परमार्थ सत्संग समिति के तत्वावधान में 8 से 11 अक्टूबर तक आयोजित हरेमाधव वर्सी पर्व श्रद्धा, भक्ति और सेवा भाव के साथ मनाया गया। पर्व का मुख्य आयोजन 9 और 10 अक्टूबर को हुआ, जिसमें देशभर से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने प्रेमाभाव से सतगुरु के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। संगतों ने सेवा, सिमरन और भक्ति के माध्यम से पर्व का आनंदमय लाभ उठाया।
पर्व के दौरान सतगुरु के परम विचारों में मानव जीवन की सार्थकता और सतगुरु की शरणागति का संदेश दिया गया। परम विचार में समझाया गया कि मानव देह तभी सार्थक होती है, जब मनुष्य जीवनमुक्त सतगुरु की पावन शरण में रहकर अपने हृदय में प्रभुमय स्वरूप को बसाए और उसके भीतर ऐसी अगाध प्रेमाभक्ति जागृत हो, जैसी जल के बिना मछली और चंद्रमा के बिना चकोर की तड़प होती है। प्रत्येक क्षण सतगुरु के दर्शन की लगन और प्रेम बनाए रखना ही सच्ची भक्ति का स्वरूप है।
सत्संग के दौरान श्रद्धालुओं ने हरेमाधव सतगुरु के समक्ष नमन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। अनेक संगतों ने अपनी आध्यात्मिक जिज्ञासाओं का समाधान पाया और आत्मिक बोध प्राप्त किया। देश के विभिन्न नगरों से आए श्रद्धालुओं ने सतगुरु से अपने-अपने नगरों में पधारने की विनयपूर्ण अरदास की और उनके आगमन की प्रतीक्षा में पलकें बिछाए रहने की भावना व्यक्त की।
सेवा सहयोगियों के प्रति जताया आभार
हरेमाधव परमार्थ सत्संग समिति ने पर्व के सफल आयोजन में सहयोग प्रदान करने वाले शासन-प्रशासन, नगर निगम, पुलिस प्रशासन, रेलवे प्रशासन, प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रति आभार व्यक्त किया। समिति ने सभी सहयोगियों के सेवा भाव और योगदान के लिए धन्यवाद देते हुए उनके प्रति कृतज्ञता प्रकट की।











