समाज में आज अच्छे आचरण की आवश्यकता है और अच्छे आचरण के लिए अच्छी शिक्षा की जरूरत है केवट जैसा निश्चल प्रेम हो तो प्रभु स्वयं दर्शन देने पधारते हैं-स्वामी श्रीरामकृष्णाचार्य
समाज में आज अच्छे आचरण की आवश्यकता है और अच्छे आचरण के लिए अच्छी शिक्षा की जरूरत है
केवट जैसा निश्चल प्रेम हो तो प्रभु स्वयं दर्शन देने पधारते हैं-स्वामी श्रीरामकृष्णाचार्
कटनी श्रीसीतारामाचार्य गोष्टी अंतर्गत श्री वेंकटेश सत्संग समिति कटनी के तत्वाधान में शंभू टॉकीज रोड स्थित पुराने आयकर कार्यालय मे श्री राम कथा के चतुर्थ दिवस
व्यास पीठ पर विराजमान इटारसी से पधारे श्री श्री 1008 स्वामी श्री रामकृष्णाचार्य जी द्वारा भगवान के विवाह के पश्चात अयोध्या में उनके स्वागत का वर्णन किया।
चारों भाई जब अयोध्या पधारे तब अयोध्या नगरी को दुल्हन की तरह सजाया हुआ था सभी प्रजाजन अत्यंत प्रसन्न थे ।
कथा में आगे भगवान के राज्याभिषेक का प्रसंग का वर्णन करते हुए बताया कि राजा दशरथ द्वारा श्री राम के राज्याभिषेक की घोषणा करने के पश्चात संपूर्ण प्रजा अत्यंत प्रसन्न थी किंतु राज भवन में मंथरा द्वारा रानी कैकई को उसके पुराने वचनों की याद दिला कर भरत को राज सिंहासन एवं राम को 14वर्ष बनवास का मांगने के लिए कहा।
राजा दशरथ ने जब इस बात को सुना तो वह अत्यंत दुखी हो गए ।
व्यास पीठ से बताया गया कि आज वास्तव में हर घर में भेष बदलकर मंथरा हमारे बीच में बैठी है जो की परिवार को तोड़ने का कार्य कर रही है हमें अपने बुद्धि और विवेक को संयमित रखते हुए अधिक से अधिक गुरु के बताए मार्ग पर चलना है जिससे कि हमारी मति भ्रमित ना हो ।
भगवान राम के वन गमन के पश्चात भगवान की भेंट केवट से हुई .
इस प्रसंग का मर्म समझते हुए व्यास पीठ से बताया गया कि आज यदि कोई भी भक्त निश्छल प्रेम भगवान से रखता है तो वह स्वयं प्रकट होकर उसके पास आ जाते हैं केवट ने निश्छल प्रेम किया और भगवान ने उसे अपनी सेवा प्रदान करी ।
वर्तमान में आज हम सभी को अच्छे आचरण की आवश्यकता है और अच्छे आचरण के लिए अच्छी शिक्षा की जरूरत है धीरे-धीरे हम सभी अपने शास्त्रों से दूर होते जा रहे हैं जिसके कारण लोग भगवान के बारे में भी गलत बात करने से चूकते नहीं है।
मनुष्य अपनी कटनी पर ध्यान नहीं देता है और शास्त्रों की शिक्षा को दोष देता है हमें अपने चरित्र और जीवन दोनों में सुधार लाने की आवश्यकता है
व्यास पीठ से स्वामी रामकृष्णाचार्य जी द्वारा केवट चरित्र सहित वन गमन की संपूर्ण प्रसंग का विस्तृत वर्णन किया जिसे सुनकर समस्त भक्तजनों का हृदय द्रवित हो उठा.
कथा के अगले दिन श्री भरत चरित्र, श्री राम भरत मिलन ,पंचवटी प्रवेश सहित अन्य लीलाओं का वर्णन किया जावेगा श्री वेंकटेश सत्संग समिति कटनी द्वारा संपूर्ण कटनी नगर की जनता से अधिक से अधिक संख्या में पधारकर श्री राम कथा का श्रवण कर पुण्य लाभ अर्जित करने का आग्रह किया गया है ।

