दुनिया मिलाएगी डोंगला से अपनी घड़ी का टाइम- ₹188 करोड़ के सामाकोटा बैराज से किसानों की चमकेगी किस्मत; दिन में भी मिलेगी बिजली
कटनी: उज्जैन जिले का महिदपुर क्षेत्र अब विकास के एक नए युग में प्रवेश कर चुका है। बुधवार को महिदपुर विधानसभा क्षेत्र में आयोजित एक भव्य विकास उत्सव के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिंगल क्लिक के जरिए 207 करोड़ 57 लाख रुपये की लागत वाले 19 विकास कार्यों का महा-लोकार्पण किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने एक ऐतिहासिक घोषणा करते हुए कहा कि डोंगला से गुजरने वाला नया फोरलेन (4-Lane Highway) महिदपुर की नई तकदीर लिखेगा, जिससे क्षेत्र में ट्रांसपोर्टेशन और व्यापार की रफ्तार दोगुनी हो जाएगी। कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद अनिल फिरोजिया और स्थानीय विधायक दिनेश जैन (बोस) विशेष रूप से उपस्थित रहे।
₹188 करोड़ का सामाकोटा बैराज; सिंहस्थ 2028 का मजबूत कवच
इस महा-लोकार्पण में सबसे बड़ा हिस्सा जल संरक्षण और सिंचाई से जुड़ा हुआ है:
-
किसानों को संजीवनी: करीब 188 करोड़ 42 लाख रुपये की भारी-भरकम लागत से बने सामाकोटा बैराज का लोकार्पण किया गया। यह बैराज क्षेत्र के भू-जल स्तर (Groundwater Level) में सुधार करेगा, जिससे अन्नदाताओं को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलेगा।
-
सिंहस्थ 2028 की तैयारी: मुख्यमंत्री ने कहा कि मोक्षदायिनी मां क्षिप्रा जी के आशीर्वाद से महिदपुर भाग्यशाली है कि क्षिप्रा के लगभग सभी बांध यहीं हैं। पानी की एक-एक बूंद सहेजने का यह भगीरथ प्रयास आने वाले ‘सिंहस्थ 2028’ और उज्जैन के भविष्य के लिए एक अभूतपूर्व सुरक्षा कवच साबित होगा।
-
13 उप-स्वास्थ्य केंद्र और नए भवन: इसके अलावा क्षेत्र को 13 नए उप-स्वास्थ्य केंद्रों के भवन, स्कूलों-कॉलेजों के नवीन भवन और नए विद्युत उपकेंद्र (Power Substation) की सौगातें भी मिलीं।
दुनिया की घड़ी का स्टैंडर्ड टाइम तय करेगा डोंगला!
महिदपुर की ऐतिहासिक और वैज्ञानिक विरासत का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बेहद दिलचस्प और बड़ी बातें कहीं:
-
आधुनिक ऑब्जर्वेटरी: 300 साल पहले राजा जयसिंह ने देश में वेधशालाएं (जंतर-मंतर) बनवाई थीं। सम्राट विक्रमादित्य और आर्यभट्ट की इसी विरासत को आगे बढ़ाते हुए सरकार ने डोंगला में एक आधुनिक ऑब्जर्वेटरी (वैधशाला) बनाई है।
-
ग्लोबल स्टैंडर्ड टाइम: मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि हमारी सरकार यह प्रयास कर रही है कि आने वाले समय में पूरी दुनिया अपनी घड़ी का स्टैंडर्ड टाइम इसी डोंगला से तय करे। इसके साथ ही उन्होंने महिदपुर की प्रसिद्ध ‘मावा-बाटी’ और ‘गुलाटी’ का भी सहर्ष जिक्र किया।
सिंचाई का रकबा 100 लाख हेक्टेयर करने का महा-लक्ष्य; दिन में भी मिलेगी बिजली
मुख्यमंत्री ने किसानों, लाड़ली बहनों और आम जनता के लिए सरकार की प्राथमिकताओं को सामने रखा:
-
ढाई साल में चमत्कार: वर्ष 2023 तक प्रदेश में सिंचाई का रकबा 44 लाख हेक्टेयर था, जो पिछले ढाई साल में मोहन सरकार के प्रयासों से बढ़कर 65 लाख हेक्टेयर हो चुका है। आगामी ढाई वर्षों में इसे 100 लाख हेक्टेयर करने का महा-लक्ष्य रखा गया है।दुनिया मिलाएगी डोंगला से अपनी घड़ी का टाइम- ₹188 करोड़ के सामाकोटा बैराज से किसानों की चमकेगी किस्मत; दिन में भी मिलेगी बिजली
-
किसानों को बड़ी राहत: अन्नदाताओं को अब सिंचाई के लिए दिन के समय में भी बिजली प्रदाय की जाएगी। साथ ही गेहूं को ₹2652 प्रति क्विंटल (MSP) पर खरीदा जा रहा है।
-
लाड़ली बहनों को ₹60,000 करोड़: सरकार लाड़ली बहनों के खातों में अब तक कुल 60 हजार करोड़ रुपये की राशि ट्रांसफर कर चुकी है।
-
राहवीर योजना: सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की मदद करने वाले मददगारों को सरकार 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दे रही है, साथ ही आपातकाल के लिए देश की पहली ‘एयर एंबुलेंस’ सेवा भी सुचारू रूप से जारी है।
देवी अहिल्याबाई और 1857 की क्रांति का गौरवशाली इतिहास
इतिहास के पन्नों को पलटते हुए मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि जब पुराने दौर में उज्जैन में परिस्थितियां अनुकूल नहीं थीं, तब देवी अहिल्याबाई होलकर के वंशजों ने महिदपुर की पावन धरा पर सिंहस्थ का ऐतिहासिक आयोजन कराया था। यहाँ महारानी गंगाबाई के नाम पर एक सुंदर घाट भी है। इसके अलावा 1857 की क्रांति के वीर योद्धाओं ने स्वाधीनता आंदोलन का एक गौरवशाली और पराक्रमी संग्राम इसी महिदपुर की धरती पर लड़ा था।
