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प्रधानमंत्री ने ‘विकसित भारत, विकसित मध्य प्रदेश’ कार्यक्रम को संबोधित किया, 17,000 करोड़ रुपये की अनेक विकास परियोजनाओं का शिलान्‍यास और राष्ट्र को समर्पित किया

प्रधानमंत्री ने 'विकसित भारत, विकसित मध्य प्रदेश' कार्यक्रम को संबोधित किया, 17,000 करोड़ रुपये की अनेक विकास परियोजनाओं का शिलान्‍यास और राष्ट्र को समर्पित किया

जबलपुर। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज गुरूवार को ‘विकसित भारत, विकसित मध्य प्रदेश’ कार्यक्रम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मध्य प्रदेश में लगभग 17,000 करोड़ रुपये की अनेक विकास परियोजनाओं का शिलान्‍यास और राष्ट्र को समर्पित किया। ये परियोजनाएं सिंचाई, बिजली, सड़क, रेल, जलापूर्ति, कोयला और उद्योग सहित कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों की जरूरतों को पूरा करती हैं।

प्रधानमंत्री ने ‘विकसित भारत, विकसित मध्य प्रदेश’ कार्यक्रम को संबोधित किया, 17,000 करोड़ रुपये की अनेक विकास परियोजनाओं का शिलान्‍यास और राष्ट्र को समर्पित किया

 

प्रधानमंत्री ने मध्य प्रदेश में साइबर तहसील परियोजना की भी शुरुआत भी की।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत मध्य प्रदेश के डिंडोरी में सड़क दुर्घटना में हुई लोगों की मौत पर शोक व्‍यक्‍त करते हुए की और कहा कि दुर्घटना में घायल हुए लोगों के लिए सभी इंतजाम किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, ”दुख की इस घड़ी में मैं मध्य प्रदेश की जनता के साथ हूं।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्य की सभी लोकसभा और विधानसभा सीटों से लाखों नागरिक विकसित भारत के संकल्प के साथ इस आयोजन से जुड़े। उन्होंने हाल के दिनों में अन्य राज्यों द्वारा किए गए इसी तरह के संकल्पों को स्वीकार करते हुए कहा कि भारत तभी विकसित होगा जब राज्य विकसित होंगे।

प्रधानमंत्री ने 2200 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्मित तीन रेलवे परियोजनाएं भी राष्ट्र को समर्पित कीं। इन परियोजनाओं में वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी – जखलौन एवं धौर्रा – आगासोद मार्ग पर तीसरी लाइन की परियोजना; न्यू सुमावली-जौरा अलापुर रेलवे लाइन का गेज परिवर्तन परियोजना; और पोवारखेड़ा-जुझारपुर रेल लाइन फ्लाईओवर की परियोजना शामिल हैं। ये परियोजनाएं रेल कनेक्टिविटी में सुधार करेंगी और क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास में योगदान देंगी।

मध्य प्रदेश में कल से शुरु हो रहे 9 दिवसीय विक्रमोत्सव का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह वर्तमान में हो रहे विकास के साथ-साथ राज्य की गौरवशाली विरासत का भी उत्‍सव है। उन्होंने इस बात को रेखांकित किया कि उज्जैन में लगाई गई वैदिक घड़ी इस बात का प्रमाण है कि सरकार विरासत और विकास को साथ लेकर चलती है। प्रधानमंत्री ने कहा, ”बाबा महाकाल की नगरी किसी समय दुनिया के लिए काल गणना का केंद्र थी, लेकिन इसके महत्व को भुला दिया गया।

आज के कार्यक्रम से संबद्ध पेयजल, सिंचाई, बिजली, सड़क, खेल परिसर और सामुदायिक हॉल से जुड़ी 17,000 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने मध्य प्रदेश के 30 स्टेशनों पर आधुनिकीकरण का कार्य शुरू होने की भी जानकारी दी।

प्रधानमंत्री ने मोदी की गारंटी पर भरोसा करने के लिए देश का आभार व्यक्त किया। विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए प्रधानमंत्री ने सरकार के तीसरे कार्यकाल में भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने का संकल्प सामने रखा।

प्रधानमंत्री ने कृषि, उद्योग और पर्यटन पर डबल इंजन सरकार द्वारा दिए जा रहे बल को रेखांकित किया और मां नर्मदा नदी पर तीन प्रमुख जल परियोजनाओं की आधारशिला रखने का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इससे न केवल जनजातीय क्षेत्रों में सिंचाई से जुड़ी समस्याओं का समाधान होगा, बल्कि इससे पेय जलापूर्ति की समस्या भी सुलझेगी। प्रधानमंत्री ने कहा, “सिंचाई क्षेत्र में हम मध्य प्रदेश में एक नई क्रांति होते देख रहे हैं।” उन्होंने इस बात का उल्लेख किया कि केन-बेतवा नदी लिंक परियोजना से बुंदेलखण्ड क्षेत्र के लाखों परिवारों का जीवन बदलने वाला है।

छोटे किसानों की एक और गंभीर समस्या यानी भंडारण की कमी का उल्‍लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने हाल ही में शुरू की गई ‘दुनिया की सबसे बड़ी भंडारण परियोजना के बारे में जिक्र किया । सरकार इस पर 1.25 करोड़ रुपये का निवेश करेगी।”

 

मध्य प्रदेश के 55 जिलों में साइबर तहसील परियोजना की शुरुआत का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि यह नाम हस्तांतरण और रजिस्ट्री से संबंधित मुद्दों के लिए डिजिटल समाधान प्रदान करेगा, जिससे लोगों का समय और खर्च बचेगा।

प्रधानमंत्री ने कहा, ”युवाओं के सपने मोदी का संकल्प हैं।” उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ का महत्वपूर्ण स्तंभ बनेगा। उन्होंने बीते 10 वर्षों में भारत की बढ़ती प्रोफ़ाइल पर टिप्पणी करते हुए प्रधानमंत्री ने निवेश और पर्यटन के प्रत्यक्ष लाभों को रेखांकित किया।

पृष्ठभूमि

प्रधानमंत्री ने मध्य प्रदेश में 5500 करोड़ रुपये से ज्यादा की सिंचाई परियोजनाओं का शिलान्यास किया।

प्रधानमंत्री ने 2200 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्मित तीन रेलवे परियोजनाएं भी राष्ट्र को समर्पित कीं। इन परियोजनाओं में वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी – जाखलौन एवं धौर्रा – आगासोद मार्ग पर तीसरी लाइन की परियोजना; न्यू सुमावली-जोरा अलापुर रेलवे लाइन में गॉज परिवर्तन परियोजना; और पोवारखेड़ा-जुझारपुर रेल लाइन फ्लाईओवर की परियोजना शामिल है ।

राज्य में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए प्रधानमंत्री ने पूरे मध्य प्रदेश में लगभग 1000 करोड़ रुपये की अनेक औद्योगिक परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी।

प्रधानमंत्री जी ने कोयला क्षेत्र की 1000 करोड़ से अधिक की परियोजनाएं देश को समर्पित कीं।

मध्य प्रदेश में बिजली क्षेत्र को मजबूती प्रदान करते हुए प्रधानमंत्री ने पन्ना, रायसेन, छिंदवाड़ा और नर्मदापुरम जिलों में स्थित छह सबस्टेशनों की आधारशिला भी रखी।

प्रधानमंत्री ने अमृत 2.0 के तहत लगभग 880 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं और राज्य के कई जिलों में जलापूर्ति प्रणालियों के संवर्धन और सुदृढ़ीकरण के लिए अन्य योजनाओं की आधारशिला रखी।

सरकारी सेवाओं की प्रदायगी में सुधार लाने की दिशा में कदम उठाते हुए मध्य प्रदेश में साइबर तहसील परियोजना मध्‍य प्रदेश के लिए एक एकल राजस्व न्यायालय भी प्रदान करेगी। प्रधानमंत्री ने अन्य परियोजनाओं के अलावा मध्य प्रदेश में कई महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं का भी शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं का शुभारंभ मध्य प्रदेश में बुनियादी ढांचे, सामाजिक आर्थिक विकास और जीवन में सुगमता को बढ़ावा देने के प्रधानमंत्री के विजन को रेखांकित करता है।

मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पश्चिम मध्य रेल, जबलपुर

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