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कटनी का अनोखा ‘सरकारी जादू’: पटवारी ने कागजों में उड़ा दी किसान की आधी जमीन, 0.44 हेक्टेयर को पलक झपकते ही कर दिया 0.14, कलेक्ट्रेट में मचा हड़कंप

कटनी का अनोखा 'सरकारी जादू': पटवारी ने कागजों में उड़ा दी किसान की आधी जमीन, 0.44 हेक्टेयर को पलक झपकते ही कर दिया 0.14, कलेक्ट्रेट में मचा हड़कंप

कटनी | 9 जून 2026 | yashbharat.com: कटनी कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आज मंगलवार को जिला प्रशासन की ओर से आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में दूर-दराज के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से आए पीड़ितों का तांता लग गया। कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के सख्त निर्देश पर आयोजित इस जनसुनवाई में कुल 190 आवेदकों ने अधिकारियों के सामने अपनी गंभीर समस्याएं और प्रशासनिक लापरवाही की शिकायतें रखीं।कटनी का अनोखा ‘सरकारी जादू’: पटवारी ने कागजों में उड़ा दी किसान की आधी जमीन, 0.44 हेक्टेयर को पलक झपकते ही कर दिया 0.14, कलेक्ट्रेट में मचा हड़कंप

जनसुनवाई के दौरान संयुक्त कलेक्टर श्री जितेंद्र पटेल एवं डिप्टी कलेक्टर विंकी सिंह उईके मौजूद रहे, जिन्होंने एक-एक पीड़ित की बात सुनी और संबंधित कनिष्ठ अधिकारियों को समय-सीमा में त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।

इन 4 मामलों ने खींचा सबका ध्यान, विभागों की खुली पोल:

जनसुनवाई में कई ऐसे चौंकाने वाले मामले सामने आए जो सीधे तौर पर पटवारियों, तहसील कार्यालय, बिजली विभाग और निजी कंपनियों की बड़ी लापरवाही को उजागर करते हैं:

  • पटवारी का ‘खेलो’— 0.44 हेक्टेयर की जमीन बची सिर्फ 0.14 हेक्टेयर! ग्राम परसवारा के निवासी रमुआ पटेल ने सरकारी रिकॉर्ड की एक बड़ी धांधली उजागर की। उन्होंने बताया कि उनकी पैतृक भूमि (खसरा संख्या 724) का वास्तविक रकबा 0.44 हेक्टेयर है, जिसे राजस्व रिकॉर्ड में गलत तरीके से घटाकर मात्र 0.14 हेक्टेयर दर्ज कर दिया गया है। पीड़ित किसान ने इस गंभीर त्रुटि को तुरंत सुधार कर वापस अपना रकबा पूरा करने की गुहार लगाई है।

  • तहसील के चक्कर काट कर थका युवक, नहीं सुधरा नाम: ग्राम सिजहनी के निवासी संदीप कुमार कोरी ने तहसील कार्यालय की सुस्त कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। संदीप ने बताया कि उसने अपने भूमि रिकॉर्ड में नाम सुधार के लिए सभी जरूरी दस्तावेजों के साथ तहसील में आवेदन दिया था, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी उसका वास्तविक नाम दर्ज नहीं हो पाया है।

  • बुजुर्ग महिला का PF फंसा, पाई-पाई को मोहताज हुई प्यारी बाई: ग्राम बिचपुरा से लाठी टेकते हुए पहुंची एक बुजुर्ग महिला प्यारी बाई कोल ने अपनी आपबीती सुनाई। प्यारी बाई ‘कुटेश्वर लाइम स्टोन माइंस’ से सेवानिवृत्त (Retired) हो चुकी हैं, लेकिन रिटायरमेंट के बाद भी उनकी जमा कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) की राशि का भुगतान नहीं किया गया है। इस उम्र में पैसा न मिलने के कारण वे गंभीर आर्थिक तंगी और कठिनाइयों का सामना कर रही हैं।

  • खेत पर लटक रहे हैं मौत के तार, बिजली विभाग बेखबर: ग्राम बड़ागांव निवासी वृंदावन साहू ने बिजली कंपनी की जानलेवा लापरवाही की शिकायत की। वृंदावन ने बताया कि उनके खेत के बीच से गुजरी बिजली की हाईटेंशन/सप्लाई लाइन के तार बेहद नीचे लटक रहे हैं। इससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है और जान-माल का भारी खतरा है। तारों के नीचे होने से वे अपने खेत में सुगमता से खेती का काम भी नहीं कर पा रहे हैं।

अधिकारियों का अल्टीमेटम: लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी

जनसुनवाई में मौजूद संयुक्त कलेक्टर और डिप्टी कलेक्टर ने इन सभी चारों मामलों समेत सभी 190 आवेदनों को बेहद गंभीरता से लिया। उन्होंने मौके से ही बिजली विभाग, संबंधित तहसीलदारों, पटवारियों और पीएफ कमिश्नर कार्यालय को फटकार लगाते हुए निर्देश दिए कि मामलों की तत्काल जमीनी जांच की जाए और नियमानुसार बिना किसी देरी के पीड़ितों को न्याय दिलाया जाए। कटनी का अनोखा ‘सरकारी जादू’: पटवारी ने कागजों में उड़ा दी किसान की आधी जमीन, 0.44 हेक्टेयर को पलक झपकते ही कर दिया 0.14, कलेक्ट्रेट में मचा हड़कंप

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