बड़वारा जनपद में सामने आया अधिकारियों का अमानवीय चेहरा, सेवानिवृत्त लिपिक की इलाज के अभाव में मौत, ग्रेच्युटी न मिलने पर मांगी थी इच्छामृत्यु
कटनी(YASH BHARAT.COM)। जिले के बड़वारा जनपद कार्यालय से प्रशासनिक लापरवाही का एक मामला सामने आया है। यहां ग्रेच्युटी की राशि न मिलने के कारण एक रिटायर्ड लिपिक राधा रमन जायसवाल की इलाज के अभाव में मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि समय पर ग्रेच्युटी न मिलने से उनका इलाज बाधित हुआ।
मृतक के पुत्र गोपाल जायसवाल ने बड़वारा जनपद कार्यालय में इस संबंध में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि उनके पिता राधा रमन जायसवाल 5 मई 2025 को सेवानिवृत्त हुए थे। सेवानिवृत्ति के बाद से ही वे अपनी ग्रेच्युटी राशि के लिए जनपद कार्यालय, जिला कार्यालय और कलेक्ट्रेट के चक्कर लगा रहे थे।
महीनों तक उनकी सुनवाई नहीं हुई, जिसके बाद उन्होंने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर इच्छामृत्यु की मांग भी की थी। यह उनकी हताशा को दर्शाता है।
परिजनों के अनुसार, दफ्तरों के लगातार चक्कर लगाने के दौरान राधा रमन जायसवाल की तबीयत बिगड़ने लगी। 9 जनवरी को उनकी हालत गंभीर होने पर उन्हें जबलपुर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनके इलाज में परिवार की सारी जमापूंजी समाप्त हो गई।
पुत्र गोपाल ने बताया कि उन्होंने बड़वारा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी और कलेक्ट्रेट की जनसुनवाई में ग्रेच्युटी का पैसा दिलाने की गुहार लगाई थी, ताकि पिता का इलाज जारी रह सके। हालांकि, उनकी फाइल पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। अंततः, 15 जनवरी को पैसों के अभाव और समय पर उचित इलाज न मिल पाने के कारण राधा रमन जायसवाल का निधन हो गया।
शासन स्तर पर रुका मामला=मुख्य कार्यपालन अधिकारी
इस संबंध में बड़वारा जनपद की मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रभा सिंह ने बताया कि कार्यालय की ओर से सभी कागजी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने कहा कि ग्रेच्युटी का फंड शासन स्तर पर रुका हुआ है और बजट उपलब्ध होते ही भुगतान कर दिया जाएगा।






