डीजीपी के सख्त निर्देशों के बाद भी नहीं थम रहा रील्स का क्रेज, क्या MP में भी लागू होगी सोशल मीडिया पॉलिसी?
DSP नेहा पच्चीसिया से लेकर थानेदारों की रील्स तक... अनुशासनहीनता पर MP पुलिस में निगरानी तंत्र फेल
डीजीपी के सख्त निर्देशों के बाद भी नहीं थम रहा रील्स का क्रेज, क्या MP में भी लागू होगी सोशल मीडिया पॉलिसी?
भोपाल: मध्य प्रदेश पुलिस विभाग में अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा सोशल मीडिया पर आचरण संहिता के उल्लंघन और रील्स बनाने के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। पुलिस महानिदेशक (DGP) कैलाश मकवाणा की हिदायत के बावजूद सख्त निगरानी तंत्र न होने से अनुशासनहीनता की इस प्रवृत्ति पर रोक नहीं लग पा रही है।
हाल के प्रमुख मामले और विवाद
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डीएसपी नेहा पच्चीसिया मामला: भ्रष्टाचार के आरोप में एफआईआर और निलंबन के बाद उनके सोशल मीडिया पोस्ट लगातार चर्चा और विवादों में बने हुए हैं।
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वर्दी में रील्स बनाने के मामले:
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अंकिता मिश्रा (थाना प्रभारी, सगरा-रीवा): फिल्मी गानों पर सोशल मीडिया रील वायरल।
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जितेन्द्र जाट (एएसआई, शिवपुरी): गुंडा सूची में दर्ज युवक के साथ रील बनाई।
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नितेश सेन (पुलिसकर्मी, शाजापुर): पुलिस वर्दी पहनकर फिल्मी गानों पर वीडियो शेयर किया।
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निगरानी तंत्र की कमी और सख्त कदम की जरूरत
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सिविल सेवा नियमों का उल्लंघन: पुलिसकर्मियों द्वारा बिना अनुमति ऐसी पोस्ट डालना सिविल सेवा आचरण संहिता के विपरीत है।
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निगरानी का अभाव: विभाग के पास सोशल मीडिया गतिविधियों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग का कोई पुख्ता तंत्र मौजूद नहीं है।
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अन्य राज्यों की तर्ज पर मांग: डीजीपी की स्पष्ट चेतावनी के बाद भी मामले थम नहीं रहे हैं, जिसके चलते अब अन्य राज्यों की तरह मध्य प्रदेश में भी सख्त दिशा-निर्देश और दंडात्मक कार्रवाई की मांग उठ रही है। 27 अगस्त 2026 का पंचांग: श्रावण पूर्णिमा का व्रत कल, जानिए पंचक का समय, शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय








