कटनी में स्कूलों की मनमानी खत्म: किताब-यूनिफॉर्म के लिए नहीं बना सकेंगे दबाव, नियम तोड़े तो कार्रवाई
कलेक्टर के सख्त निर्देश
कटनी में नए शैक्षणिक सत्र से पहले जिला प्रशासन ने निजी स्कूलों की मनमानी पर सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर आशीष तिवारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कोई भी निजी स्कूल अब विद्यार्थियों या अभिभावकों को किसी एक तय दुकान से किताबें, यूनिफॉर्म या अन्य सामग्री खरीदने के लिए मजबूर नहीं कर सकेगा।
अभिभावकों को मिली बड़ी राहत
प्रशासन ने कहा है कि अभिभावक अपनी सुविधा के अनुसार खुले बाजार से कहीं से भी किताबें, यूनिफॉर्म, बैग या जूते खरीद सकते हैं। यदि किसी स्कूल या दुकानदार द्वारा दबाव बनाया गया, तो उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नियमों का सख्ती से पालन जरूरी
यह आदेश मध्य प्रदेश निजी विद्यालय (फीस एवं संबंधित विषयों का विनियमन) अधिनियम-2017 और नियम 2020 के तहत जारी किया गया है। इसके अनुसार छात्रों को किसी विशेष विक्रेता से सामग्री खरीदने के लिए बाध्य करना पूरी तरह प्रतिबंधित है।
कटनी में स्कूलों की मनमानी खत्म: किताब-यूनिफॉर्म के लिए नहीं बना सकेंगे दबाव, नियम तोड़े तो कार्रवाई
NCERT किताबें अनिवार्य
NCERT के निर्देशों के अनुसार कक्षा 1 से 12 तक NCERT की पाठ्यपुस्तकों का उपयोग अनिवार्य किया गया है, ताकि पढ़ाई में एकरूपता बनी रहे।
स्कूलों के लिए नए निर्देश
प्रशासन ने सभी निजी स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि: हर कक्षा की बुक लिस्ट और फीस डिटेल स्कूल में प्रदर्शित करें, यूनिफॉर्म और किताबों के लिए कम से कम 5 दुकानों के नाम दें, सामग्री उचित कीमत पर उपलब्ध कराई जाए किसी भी प्रकार का सीधा या अप्रत्यक्ष दबाव न बनाया जाए
उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई
कलेक्टर ने चेतावनी दी है कि यदि नियमों का उल्लंघन पाया गया, तो संबंधित स्कूल प्रबंधन या विक्रेता के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन इस व्यवस्था की लगातार निगरानी करेगा।








