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नाबालिग बालिका के साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपी को हुआ 20 वर्ष का सश्रम कारावास

नाबालिग बालिका के साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपी को हुआ 20 वर्ष का सश्रम कारावा

कटनी- माननीय अनन्य विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट जिला कटनी द्वारा महिला थाना कटनी के चिहित जघन्य एवं सनसनीखेज प्रकरण के अप.क्र 16/2025. के बलात्संग के प्रकरण में आरोपी बेडीलाल कोल को धारा 65(2) भादवि एवं 5 (एम)/6 पॉक्सो एक्ट में दोष सिद्ध पाया जाकर आरोपी बेडीलाल कोल को धारा 65(2) भारतीय न्याय संहिता एवं धारा 5 (एम)/6 पाक्सो एक्ट में 20 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1000/- रूपये के अर्थदण्ड से दंडित किया गया। प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक/सहायक जिला अभियोजन अधिकारी आशुतोष द्विवेदी द्वारा की गई।

मीडिया सेल प्रभारी सुरेन्द्र कुमार गर्ग द्वारा जानकारी देकर बताया गया कि अभियोजन कहानी संक्षेप में इस प्रकार है कि पीडिता आयु लगभग 8 वर्ष की नानी ने महिला थाना कटनी में आकर इस आशय की रिपोर्ट लेख कराई कि उसकी नातिन पीडिता उसके साथ ही उसके गावं में रहती है कक्षा दूसरी से पठती है वह अपने खेत में उड़दा की फसल लगाई है इसलिए वही त कवारी करती है। पीडिता भी वहां उसके और उसके पति के साथ रहती है दिनांक 19/04/25 के सुबह 10 बजे वह पीडिता को आम के पेड़ के नीचे बिछे पलंग में छोडकर पानी लेने पास में लगे सरकारी हेडपंप में चली गई थी जब पानी लेकर वापिस लौटी तो देखा तो पलंग हिल रहा था और पलंग के उपर पूरा कंबल ढका हुआ था। जब उसने कंबल हटाकर देखा तो आरोपी बेडीलाल कोल पीडिता के उपर बिना कपड़ों के लेटा था और पीडिता बिना कपड़ो के दबी हुई थी आरोपी बेडीलाल कोल पीडिता के साथ गलत काम कर रहा था तब उसने धक्का दिया तब आरोपी वहा से भाग गया। इसके बाद पीडिता की नानी ने पीडिता को कपडे पहनाये और पीडिता से घटना के बारे में पूछा तब पीड़िता ने अपनी नानी को आरोपी के द्वारा गलत काम करने के बारे में बताया था। इसके बाद पीडिता की नाती ने अपने पति अपने दामाद और अपनी बेटी को बताया और पीडिता की मां के साथ पीडिता को लेकर महिला थाने कटनी गई थी। और वहा उपस्थिति होकर पीडिता की नानी ने घटना की रिपोर्ट लेख कराई थी। जिस पर महिला थाना कटनी के अपराध क्रमांक 16/2025 अंतर्गत धारा 65 (2) भारतीय न्याय सहिता एवं धारा 5 (एम)/6 पॉक्सो अधिनियम के तहत प्रथम सूचना रिपोर्ट लेखबद्ध की गई।

संपूर्ण विवेचना उपरांत आरोपी बेडीलाल कोल द्वारा अपराध घटित करना पूर्णतः प्रमाणित पाये जाने से आरोपी के विरुद्ध अभियोग पत्र तैयार किया जाकर माननीय विशेष न्यायालय पाक्सो के न्यायायल में प्रेषिल किया गया।

प्रकरण में विचारण के दौरान विशेष लोक अभियोजक द्वारा माननीय न्यायालय के समक्ष समस्त सारवान साक्षी, दस्तावेज एवं वैज्ञानिक साक्ष्य प्रस्तुत कर आरोपी के विरुद्ध आरोप प्रमाणित कराया गया। विशेष लोक अभियोजक के तर्कों से सहमत होते हुये माननीय न्यायालय द्वारा आरोपी बेडीलाल कोल को धारा 65(2) भारतीय न्याय संहिता एवं धारा 5 (एम)/6 पाक्सो एक्ट में 20 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1000/- रूपये के अर्थदण्ड से दंडित किया गया।

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