तृतीय क्रामोन्नति पाने की आस में बूढ़े हो रहे, जिले के शिक्षक
तृतीय क्रामोन्नति पाने की आस में बूढ़े हो रहे, जिले के शिक्ष
कटनी/क्रामोन्नति वेतनमान पाना शिक्षकों का जायाज हक है, लेकिन इस हक को समय पर देने में जिले के जबाबदार अधिकारी और लिपिक संवर्ग जिस तरह फाइलों को दबा कर शिक्षकों का मज़ाक बनाते हैं, वह वेहद शर्मनाक व चिंतनीय है. शिक्षकों को 30 वर्ष की सेवा पूर्ण करने के उपरांत तृतीय क्रमोन्नति के अधिकार से महरूम जिले के पात्र शिक्षकों का पक्ष रखते हुए, अधिकारी -कर्मचारी संयुक्त मोर्चा संघ के प्रवक्ता कुंवर मार्तण्ड सिंह राजपूतऔर सामग्र शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष संजय मिश्रा द्वारा जिला कलेक्टर दिलीप यादव से शिक्षकों के मामले में व्यक्तिगत रूचि लेकर मानवीय दृष्टिकोण के तहत उन्हें उनका अधिकार प्रदान कराने में प्रशासनिक रूप से सहयोग करने का अनुरोध किया गया है. मिली जानकारी के मुताबिक जिला शिक्षा अधिकारी कटनी द्वारा पात्र शिक्षकों का प्रस्ताव अनुमोदन हेतु जिला पंचायत कार्यालय को भेजे लगभग दो माह का समय गुजरने के बाद आज पर्यन्त तक शिक्षकों को उनके संवैधानिक हक़ से बंचित रखने से जिले के शिक्षकों को अकारण गंभीर आर्थिक नुकसान हो रहा है. लंबे समय से क्रमोन्नति वेतन मान की उम्मीद व आस लगाये बैठे शिक्षकों का पक्ष लेते हुए शिक्षकों के नेतृत्वकर्ताओं द्वारा शिक्षकों को हो रहे आर्थिक नुकसान की भरपाईअब दोषी अधिकारीयों और कर्मचारियों के वेतन से कराये जाने की मांग करने लगे हैं. संयुक्त मोर्चा संघ भी अब ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियो को ब्लेक लिस्टेड करने की बात कर रहा है, जो जानबूझकर शिक्षकों के प्रकरणो को लटका कर रखते हैं.जिला प्रशासन से प्रकरण में गंभीरता का रूख अख्तियार करने की उम्मीद कर्मचारी जगत द्वारा जतायी गयी है.

