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टैक्सपेयर्स ध्यान दें: 1 अप्रैल से बदल सकती है आपकी नेट इनकम, टैक्स-फ्री इनकम भी पूरी तरह फ्री नहीं

टैक्सपेयर्स ध्यान दें: 1 अप्रैल से बदल सकती है आपकी नेट इनकम, टैक्स-फ्री इनकम भी पूरी तरह फ्री नहीं

नई दिल्ली: टैक्सपेयर्स ध्यान दें: 1 अप्रैल से बदल सकती है आपकी नेट इनकम, टैक्स-फ्री इनकम भी पूरी तरह फ्री नहीं, 1 अप्रैल 2026 से नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 लागू हो जाएगा, जो पुराने इनकम टैक्स एक्ट 1961 की जगह लेगा। इस नए एक्ट में ऐसा नियम है जिससे टैक्स-फ्री इनकम भी आपकी टैक्सेबल इनकम पर असर डाल सकती है।

टैक्सपेयर्स ध्यान दें: 1 अप्रैल से बदल सकती है आपकी नेट इनकम, टैक्स-फ्री इनकम भी पूरी तरह फ्री नहीं

क्या है नया 1% नियम?

  • टैक्स-फ्री इनकम से जुड़े खर्च अब डिडक्शन में शामिल नहीं होंगे।
  • इसमें सीधे खर्च और उस इनकम से जुड़े निवेश की औसत वैल्यू का 1% शामिल है।
  • इससे आपकी टैक्सेबल इनकम बढ़ सकती है, और कुल टैक्स बोझ पर अप्रत्यक्ष असर पड़ सकता है।

कैसे लागू होगा?

नियम तभी लागू होगा जब आपने टैक्स-फ्री इनकम से जुड़े खर्च दिखाए हों या टैक्स अधिकारी को लगे कि खर्च हुआ है।

अगर खर्च वास्तविक नहीं है, तो कटौती नहीं होगी, लेकिन अधिकारियों के पास जांच का अधिकार रहेगा।

किसे ज्यादा ध्यान रखना चाहिए?

जिनको डिविडेंड या टैक्स-फ्री इनकम मिलती है।

जिनके पास बड़ा निवेश पोर्टफोलियो है।

जो एडमिन या फाइनेंशियल खर्च क्लेम करते हैं।

टैक्सपेयर्स के लिए सुझाव:

अपने निवेश और खर्च का सटीक रिकॉर्ड रखें।

पर्सनल और निवेश खर्च अलग रखें।

रिटर्न भरने से पहले पोस्ट-टैक्स रिटर्न पर ध्यान दें।

समझने वाली बात:

नया टैक्स सिस्टम सिर्फ आसान नियम या कम टैक्स के लिए नहीं है।

इसका असली मकसद है ग्रे एरिया खत्म करना।

अब टैक्स-फ्री इनकम भी पूरी तरह “फ्री” नहीं मानी जाएगी।

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