
नई दिल्ली। IPAC–ED मामले में सुप्रीम कोर्ट सख्त, मुख्यमंत्री Mamata Banerjee पर जांच में दखल के आरोप, IPAC मामले से जुड़े ईडी रेड प्रकरण की सुनवाई बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में हुई। राज्य सरकार ने एक बार फिर जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय की मांग की। इस पर कोर्ट ने याद दिलाया कि पहले ही चार सप्ताह का समय दिया जा चुका है।
IPAC–ED मामले में सुप्रीम कोर्ट सख्त, मुख्यमंत्री Mamata Banerjee पर जांच में दखल के आरोप
राज्य सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता Kapil Sibal ने समय देने की अपील की। उन्होंने कहा कि ईडी और अन्य जांच एजेंसियों को जांच का अधिकार कानून के तहत है और जांच करना कोई मौलिक अधिकार नहीं है।
वहीं, सॉलिसिटर जनरल Tushar Mehta ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री केंद्रीय एजेंसी की जांच में दखल दे रही हैं और चार सप्ताह बीतने के बाद भी समय मांगा जा रहा है। उन्होंने इसे “असामान्य” स्थिति बताया।
सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि जो घटनाक्रम सामने आया है, वह सुखद स्थिति नहीं है। कोर्ट ने यह भी संकेत दिया कि पहले दिए गए समय के बावजूद बार-बार मोहलत मांगना उचित नहीं माना जा सकता।
ईडी ने अपने हलफनामे में कहा कि तलाशी के दौरान राज्य पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों के बीच टकराव की स्थिति बनी, जिसके कारण कार्रवाई रोकनी पड़ी। एजेंसी ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी जांच के दौरान तीसरे व्यक्ति को अंदर आने और दस्तावेज ले जाने की अनुमति नहीं दी जा सकती।








