
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान देश की जानी मानी रियल एस्टेट कंपनी जेपी इंफ्राटेक 1000 करोड़ रुपये जमा कराने का आदेश दिया है।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि जेपी इंफ्राटेक को वास्तविकता का प्रदर्शन करना होगा। इसी के साथ कोर्ट ने जेपी एसोसिएट्स को दो हजार करोड़ में से कम से कम एक हजार करोड़ रुपये जमा कराने का आदेश सुनाया है।
11 सितंबर को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने जेपी एसोसिएट्स को 27 अक्टूबर तक 2000 करोड़ रुपये अपनी रजिस्ट्री में जमा कराने को भी कहा था। सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले 4 सितंबर को एनसीएलटी में जेपी इंफ्राटेक को दिवालिया घोषित करने की प्रक्रिया पर रोक लगा दी थी।
इससे पहले 13 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर केलिप्सो कोर्ट प्रोजेक्ट में फ्लैट देने में हो रही देरी को लेकर दाखिल याचिका पर सुनवाई के दौरान भी ग्रुप को फटकार लगाई थी। जेपी एसोसिएट ने एनसीडीआरसी के आदेश को सुप्रीम में चुनौती दी है।
सुप्रीम कोर्ट ने केलिप्सो कोर्ट प्रोजेक्ट में फ्लैट देने में हो रही देरी पर जेपी एसोसिएट को 10 फ्लैट खरीदारों को पांच-पांच लाख रुपये देने का आदेश दिया है।








