
सेंसेक्स 1,187 अंक (1.65%) की बढ़त के साथ 73,134.32 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 भी 348 अंक (1.56%) चढ़कर 22,679.40 पर पहुंच गया। इसके अलावा मिड और स्मॉल कैप शेयरों में भी करीब 3% तक की तेजी दर्ज की गई।
बाजार में इस उछाल की सबसे बड़ी वजह वैश्विक स्तर पर सकारात्मक संकेत रहे। खासतौर पर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने की उम्मीद से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आने वाले हफ्तों में इस संघर्ष के खत्म होने की संभावना जताई जा रही है, जिससे कच्चे तेल की कीमतों और महंगाई को लेकर चिंता कम हुई है।
इसके अलावा एशियाई और यूरोपीय बाजारों में भी मजबूती देखने को मिली, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा। डॉलर और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट ने विदेशी निवेश को आकर्षित करने में मदद की।
विशेषज्ञों का मानना है कि हाल की गिरावट के बाद कई बड़े शेयर आकर्षक कीमतों पर मिल रहे थे, जिससे निवेशकों ने ‘वैल्यू बाइंग’ का रुख अपनाया और बाजार को सपोर्ट मिला।
कुल मिलाकर, नए वित्त वर्ष की शुरुआत ने निवेशकों को राहत दी है और आने वाले समय में बाजार के रुख को लेकर उम्मीदें भी बढ़ा दी हैं।








