प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय सिविल लाइन की गीता पाठशाला में शिव ध्वजारोहण का आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय सिविल लाइन की गीता पाठशाला में शिव ध्वजारोहण का आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजि
कटनी -आधारकाप स्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय सिविल लाइन की गीता पाठशाला में प्रभारी तृप्ति बहन के नेतृत्व और सिविल लाइन राजयोग केंद्र संचालिका बीके लक्ष्मी दीदी के मार्गदर्शन में शिव ध्वजारोहण का आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किया गया कार्यक्रम का शुभारंभ शिव आराधना कर शिव ध्वजारोहण से हुआ । लक्ष्मी दीदी ने बताया परमात्मा की स्मृति चिन्ह का यह झंडा शांति व शक्ति का प्रतीक है । परमात्मा सुख, शान्ति, आनन्द और प्रेम के भण्डार हैं। इसलिए उनका सही परिचय जानकर उनके साथ योग लगाने से ही हमारे जीवन में पवित्रता, सुख और शान्ति आएगी। उन्होंने आगे कहा कि सभी धर्मों के अनुसार परमात्मा निराकार और ज्योर्तिबिन्दु स्वरूप है । निराकार का मतलब यह नहीं है कि परमात्मा का कोई रूप नहीं है। बल्कि अशरीरी होने के कारण हम शरीरधारियों की भेंट में उन्हें निराकार कहा गया है। परमात्मा को आंखों से नहीं देख सकते हैं किन्तु राजयोग मेडिटेशन के द्वारा उनके गुणों और शक्तियों का अनुभव किया जा सकता है । दीदी ने आगे परमात्मा का परिचय देते हुए कहा कि हिन्दु धर्म में परमात्मा शिव की निराकार प्रतिमा शिवलिंग के रूप में देखने को मिलती है। ज्योतिस्वरूप होने के कारण उन्हें ज्योर्तिलिंग भी कहा जाता है। मुस्लिम धर्म के अनुयायी उन्हे नूर-(अर्थात ज्योति)-ए-इलाही कहते हैं। इसाई धर्म को मानने वाले परमात्मा को दिव्य ज्योतिपुंज मानते हैं, सिख धर्म के अनुगामी उन्हे एक ओंकार निराकार कह महिमा करते हैं। दीदी नेे आगे बतलाया कि परमात्मा तीन देवताओं ब्रह्मा, विष्णु और शंकर की रचना कर उनके द्वारा नयी सतोप्रधान दुनिया की स्थापना, पालना और पुरानी तमोप्रधान दुनिया का संहार का कार्य कराते हैं। तीन देवताओं का रचयिता होने के कारण उन्हें त्रिमूर्ति कहा जाता है। इसीलिए शिवलिंग के ऊपर तीन रेखाएं खींचते तथा तीन पत्तियों वाला बेलपत्र चढ़ाते हैं। परमात्मा सुख, शान्ति, आनन्द और प्रेम के भण्डार हैं, इसलिए उनका सही परिचय जानकर उनके साथ योग लगाने से ही हमारे जीवन में पवित्रता, सुख और शान्ति आएगी।
कार्यक्रम के अंत में बहनों द्वारा नियमित मुरली सत्संग क्लास करने वाली माताओ और बहनो को सम्मानित कर ईश्वरीय सौगात भेंट की गई । तत्पश्चात सभी को ब्रह्मा भोजन कराया गया । कार्यक्रम में माऊंट से आई बीके दुर्गा बहन,आरती बहन, जयश्री बहन, अनिता बहन, मंगला बहन, रानी शर्मा, बेबी बहन निलांजलि बहन,प्रियंका बहन, वैष्णवी बहन, नीलू बहन, विनोद भाई, सुरेश भाई, सुनील भाई सहित सभी भाई बहनों का सहयोग रहा ।








