Monday, April 6, 2026
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South Korea में क्यों लोगों ने ओवन में जला दिए एक अरब से अधिक डॉलर, जानिए कारण

नई दिल्ली, एजेंसी/एपी। कोरोनावायरस के खौफ से लोग अपने को बचाने के लिए तमाम जतन कर रहे हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से बताई गई गाइडलाइंस का पालन करने के अलावा अपने हिसाब से भी एहतियात बरत रहे हैं।

चीन से निकले कोरोनावायरस ने पुरी दुनिया में संक्रमण फैला रखा है। कोरोनावायरस के खौफ से साउथ कोरिया में कुछ लोगों ने ऐसा काम किया कि वो इन दिनों चर्चा का कारण बने हुए हैं।

लोगों ने नोटों पर संक्रमण को खत्म करने के लिए पहले उसे वाशिंग मशीन में धूला फिर उसे ओवन में रखकर सूखाने की कोशिश की जिससे वो जलकर नष्ट हो गए। ऐसे एक अरब डालर से अधिक नोट आशिंक या पूरी तरह जल गए हैं।

चीन में भी नोटों को किया गया था सेनिटाइज 

सबसे पहले चीन में कोरोनावायरस के संक्रमण से बचने के लिए नोटों को भी सैनिटाइज किए जाने का मामला प्रकाश में आया है।

अब इससे एक कदम आगे बढ़ते हुए साउथ कोरिया के लोगों ने नोटों पर कोरोना संक्रमण को खत्म करने के लिए उसे ओवन में रखा और कुछ ने तो उसे वाशिंग मशीन में धो डाला जिससे वो खराब हो गए।

अब इस तरह के जले और खराब हुए नोट साउथ कोरिया के बैंक में बदलने के लिए पहुंचे तो इस तरह की चीजों का खुलासा हुआ।

साउथ कोरिया ने कहा तीन गुना अधिक जले हुए नोट बदले गए 

दक्षिण कोरिया के रिजर्व बैंक कहे जाने वाले बैंक ऑफ कोरिया ने शुक्रवार को इस बारे में जानकारी दी है।

बैंक की ओर से कहा गया कि साल 2019 की अपेक्षा इस साल 6 माह में ही तीन गुना अधिक जले और कटे हुए नोट अब तक बदले जा चुके हैं। ये सिलसिला अभी थमा नहीं है।

वैसे बैंक खुद भी अपनी तरफ से सावधानी बरत रहा है।  बैंक में जितने नो जमा हो रहे हैं वो उनको सैनिटाइज कर रहा है और कुछ दिनों के लिए ऐसे नोटों को अलग भी रखा जा रहा है।

बैंक ने कहा कि जनवरी से जून के बीच में 1.32 अरब वॉन (1.1 अरब डॉलर) के जले हुए नोट बैंक को लौटाए गए हैं। बैंक ने बताया इसी अवधि में पिछले साल मात्र 40 लाख डॉलर के जले हुए नोट लौटाए गए थे।

कोरोना वायरस का खौफ, ओवन में नोट रख वायरस मार रहे लोग 

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम