IISER भोपाल की चौंकाने वाली रिसर्च: आपकी थाली का चावल बढ़ा रहा ‘ग्लोबल वार्मिंग’, धान के खेतों से हर साल निकल रही 97 लाख टन जहरीली मीथेन

IISER भोपाल की चौंकाने वाली रिसर्च: आपकी थाली का चावल बढ़ा रहा ‘ग्लोबल वार्मिंग’, धान के खेतों से हर साल निकल रही 97 लाख टन जहरीली मीथेन

भोपाल। भारतीय विज्ञान शिक्षा और अनुसंधान संस्थान (IISER) भोपाल और इंटरनेशनल राइस रिसर्च इंस्टीट्यूट (IRRI) के वैज्ञानिकों ने पर्यावरण पर एक बेहद चिंताजनक रिसर्च लेटर प्रकाशित किया है। इस शोध के आंकड़े न केवल चौंकाने वाले हैं, बल्कि खाद्य सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के बीच एक नई बहस को जन्म देते हैं।

शोध के अनुसार, भारत के पानी से भरे धान के खेत—जो देश और दुनिया की एक बड़ी आबादी का पेट भरते हैं—वे हर साल पर्यावरण में 97 लाख टन (9.7 मिलियन टन) मीथेन गैस छोड़ रहे हैं।

रिसर्च के मुख्य बिंदु और पर्यावरण पर असर:

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