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शक्तिकांत दास ने पॉलिसी रेट में कोई बदलाव नहीं किया, इस माह ब्याज दरों में कटौती देखने को मिल सकती है

लगातार 8वीं बार आरबीआई ने पॉलिसी रेट में कोई बदलाव नहीं किया है. वो भी ऐसे समय में जब यूरोपियन सेंट्रल और कनाडा सेंट्रल बैंक ने ब्याज दरों में कटौती की है. इसके अलावा संकेत ये भी मिल रहे हैं कि अमेरिकी फेड रिजर्व भी ब्याज दरों में कटौती का ऐलान जल्द कर सकता है।

जानकारों का कहना है कि अगस्त के महीने में इसकी संख्या में इजाफा देखने को मिल सकता है. वहीं सबसे बड़ी बात ये देखने को मिली कि आरबीआई एमपीसी की मीटिंग में आने वाले महीनों में पॉलिसी रेट को लेकर उदार रुख अपनाने के संकेत मिले हैं. मतलब साफ है कि अक्टूबर या फिर दिसंबर के महीने में ब्याज दरों में कटौती देखने को मिल सकती है

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की मॉनेटरी पॉलिसी के फैसलों का ऐलान गवर्नर शक्तिकांत दास ने कर दिया है. जहां एक ओर महंगाई अनुमान के आंकड़ों को जस का तस रखा है. वहीं दूसरी ओर जीडीपी के अनुमान में पिछली बार के मुकाबले 20 बेसिस प्वाइंट का इजाफा कर वित्त वर्ष 2025 के लिए 7.20 फीसदी का दिया है. दिलचस्प बात तो ये है कि आरबीआई ने अपने ग्रोथ के अनुमानित आंकड़ें को वित्त वर्ष 2024 के रियल जीडीपी के आंकड़ों से कम रखा है।

वहीं लगातार 8वीं बार आरबीआई ने पॉलिसी रेट में कोई बदलाव नहीं किया है. वो भी ऐसे समय में जब यूरोपियन सेंट्रल और कनाडा सेंट्रल बैंक ने ब्याज दरों में कटौती की है. इसके अलावा संकेत ये भी मिल रहे हैं कि अमेरिकी फेड रिजर्व भी ब्याज दरों में कटौती का ऐलान जल्द कर सकता है. सवाल ये है कि आखिर आरबीआई ब्याज दरों में कटौती क्यों नहीं कर रहा है? इस पर आरबीआई गवर्नर ने अपनी पॉलिसी स्पीच में साफ संकेत दे दिए हैं.

उन्होंने कहा कि ये जरूरी नहीं कि दुनिया के एडवांस देश जो करेंगे वो हमें भी करना जरूरी है. आरबीआई पॉलिसी को लेकर जो फैसले लेगा वो डॉमेस्टिक ग्रोथ, महंगाई के आंकड़ों को देखते हुए लेगा. आइए समझने की कोशिश करते हैं कि आखिर यूएस फेड का नाम लेकर आरबीआई गवर्नर ने आने वाले महीनों में ब्याज दरों को लेकर किस तरह के संकेत दिए. साथ ही उन्हें ये सब बातें कहने की जरुरत क्यों पड़ी?

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