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SDM ने कुत्तों के लिए लगाई गई धारा 144 , जानिए मामला

बिजनौर। एसड़ीएम ने कुत्तों पर धारा144 लगा दी । ताकि कोई भी हिंसक घटना न हो सके। ऐसे तो यह मामला काफी रोचक लग रहा है। लेकिन मामला ओर कुछ अलग है। इसका उद्देश्य दूरदर्शी है।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आवारा कुत्तों का आतंक अब पूरी तरह से जानलेवा बन चुका है। कई जिलों में हिंसक हो चुके कुत्ते तमाम लोगों को मौत के घाट उतार चुके हैं। उन्हें मार ही नहीं रहे हैं, बल्कि नोच कर खा भी रहे हैं। इन कुत्तों से छुटकारा पाने के लिए बिजनौर प्रशासन ने अनूठा रास्ता अपनाया है।

कुत्तों को पकड़ने की बजाय पहले उन कारणों पर भी अंकुश पाना चाहता है, जिसके कारण कुत्ते आदमखोर हो रहे हैं। ऐसे में लोग विरोध न करें, इसलिए जिले में धारा 144 लागू कर दी गई है।

बिजनौर शहर से बाहर निकलने वाले रास्तों पर आए-दिन सड़कों के किनारे गहरे-गहरे गड्ढों में मृत पशुओं का मांस खाकर कुत्ते हिंसक हो रहे हैं। चार-पांच झुंड के रूप में घूमने वाले कुत्ते अकेले व्यक्ति पर हमला कर देते हैं। पिछले एक माह में गजरौला शिव, गजरौल अचपल व मुकीमपुर धर्मशी गांव में कुत्तों के हमले में तीन लोगों की मौत हो चुकी है। लगातार हो रही मौत से ग्रामीणों में गुस्सा है। गांव गजरौला शिव के आस-पास ही तीन मौत हुई हैं।

एसडीएम सदर बृजेश कुमार ने शुक्रवार को जारी प्रेस रिलीज में कहा है कि ग्राम गजरौला शिव के आसपास स्थित मुर्गी फार्मो से मृत पक्षियों एवं मृत जानवरों को खुले में फेंका जा रहा है। इन मृत पक्षियों एवं जानवरों को खाने की वजह से कुत्ते हिंसक हो रहे हैं। कुत्तों को हिंसक बनने के कारणों पर समुचित नियंत्रण स्थापित करने के लिए क्षेत्र में धारा-144 लागू की गई है।

सहारनपुर के कोतवाली क्षेत्र के गांव दयालपुर में मां के पास सो रहे बच्चे को खींचकर कुत्ते खेत में ले गए और नोच नोचकर मौत के घाट उतार दिया। गांव दयालपुर की दलित बस्ती निवासी दिव्यांग रामकरण ने बताया कि पांच पुत्रियों के बाद 28 दिन पहले उसकी पत्नी ने पुत्र को जन्म दिया था।

गुरुवार रात वह मकान के बरामदे में सोया था, जबकि पत्नी बच्चे को लेकर कमरे में सो रही थी। शुक्रवार तड़के करीब चार बजे उनके घर में कुत्ते घुसे और उसकी पत्नी के पास सो रहे बच्चे को खींचकर ले गए। तलाश के दौरान गन्ने के खेत से बच्चे का क्षत विक्षत शव बरामद हुआ। मंगलवार को कुत्ते इसी गांव के रजनीश के 3 माह के पुत्र अभिमन्यु को उस समय उठा ले गए थे,जब वह अपनी मां के पास सो रहा था

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम

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