मध्यप्रदेश

School Reopen : कोरोना से बचाने बच्चों को स्कूलों में हाथ धोने के लिए दिया जाएगा 10 मिनट का समय

भोपाल। स्कूलों के खुलने से पहले उनमें कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए शासन पूरी तरह से तैयारी में जुट गया है। कोरोना से बचाव के लिए स्कूलों में व्यवस्था की जा रही है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) ने मप्र स्कूल शिक्षा विभाग को निर्देश दिए थे कि प्रत्येक स्कूल में बच्चों को हाथ धोने के लिए व्यवस्था होनी चाहिए। इसके लिए स्कूलों में हैंडवॉश यूनिट का निर्माण किया जाए और बच्चों में हाथ धोने की आदत डाली जाए।

स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रदेश के प्रायमरी व मिडिल स्कूलों में 14 हजार 399 हैंडवॉश यूनिट बनाने का निर्णय लिया है। इसके लिए विभाग ने 21 करोड़ 59 लाख रुपये की राशि स्वीकृति दी है। जिन स्कूलों में 200 से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, उन स्कूलों में दो यूनिट बनाया जाएगा। इस संबंध में राज्य शिक्षा केंद्र ने प्रत्येक जिला शिक्षा केंद्रों को यूनिट निर्माण के लिए 3 से 4 माह का समय दिया है। इसके साथ ही यूनिसेफ द्वारा निर्मित हैंडवॉश यूनिट की डिजाइन भी भेजी गई है।

हैंडवॉश यूनिट में रहेंगी सभी सुविधाएं

स्कूलों के हैंडवॉश यूनिट में सभी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। इस यूनिट में 10 से 12 नल होंगे। लेकिन, सभी 6-6 फीट की दूरी पर होंगे। यूनिट में पानी की टंकी, साबुन, हैंडवॉश लिक्विड आदि की व्यवस्था होनी चाहिए। सभी स्कूलों को यूनिट के निर्माण के बाद फोटोग्राफ्स भी विभाग के वेबसाइट पर अपलोड करना है।

लंच से पहले 10 मिनट हाथ धोने के लिए होगा

स्कूल की समय-सारिणी में लंच से पहले 10 मिनट का समय बच्चों के हाथ धोने के लिए शामिल किया जाएगा। इसके अलावा बच्चों को हाथ धोने और स्वच्छता के प्रति भी जागरूक किया जाएगा।

इन जिलों में सबसे अधिक यूनिट बनेंगे

जिले का नाम संख्या राशि

सागर – 923 -1 करोड़ 38 लाख

टीकमगढ़ – 882 – 1 करोड़ 32 लाख

सतना – 743 – 1 करोड़ 11 लाख

धार – 592 – 88 लाख

सिंगरौली – 523 – 78 लाख

पन्ना – 506 7- 5 लाख

भोपाल – 125 – 18 लाख

कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए बच्चों में हाथ धोने की आदत विकसित की जानी चाहिए। इसी के तहत प्रदेश के सरकारी स्कूलों में करीब 15 हजार हैंडवॉश यूनिट का निर्माण किया जा रहा है। इसे तीन से चार माह में पूरा कर लिया जाएगा। – लोकेश कुमार जाटव, आयुक्त , राज्य शिक्षा केंद्र

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम