Rupees Investment: रुपया 93 के पार: डॉलर मजबूत, RBI ढील और विदेशी निवेशकों की चाल से बढ़ी करेंसी में घबराहट
Rupees Investment: रुपया 93 के पार: डॉलर मजबूत, RBI ढील और विदेशी निवेशकों की चाल से बढ़ी करेंसी में घबराहट। वैश्विक स्तर पर शांति की उम्मीदों के बीच जहां शेयर बाजार में तेजी देखने को मिल रही है, वहीं करेंसी मार्केट में रुपया दबाव में नजर आ रहा है। अमेरिकी डॉलर की मजबूती और RBI की ओर से हाल में दी गई ढील के चलते रुपया फिर से कमजोर होकर 93 के पार पहुंच गया है।
Rupees Investment: रुपया 93 के पार: डॉलर मजबूत, RBI ढील और विदेशी निवेशकों की चाल से बढ़ी करेंसी में घबराहट
मंगलवार को शुरुआती कारोबार में रुपया डॉलर के मुकाबले 16 पैसे गिरकर 93.32 पर आ गया। इंटरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 93.25 पर खुला और गिरकर 93.37 तक पहुंचा। इससे पहले सोमवार को भी रुपया 25 पैसे गिरकर 93.16 पर बंद हुआ था।
क्यों कमजोर हो रहा रुपया
विशेषज्ञों के अनुसार, डॉलर इंडेक्स में मजबूती और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी से रुपये पर दबाव बना है। साथ ही विदेशी संस्थागत निवेशकों की मुनाफावसूली भी एक बड़ा कारण मानी जा रही है।
RBI के फैसले का असर
RBI ने हाल ही में रुपए में सट्टेबाजी को नियंत्रित करने के लिए लागू कुछ सख्त नियमों में ढील दी है। अब अधिकृत डीलर फिर से नॉन-डिलीवरेबल फॉरवर्ड (NDF) बाजार में कुछ शर्तों के साथ कारोबार कर सकते हैं। इस फैसले का असर भी रुपये की चाल पर पड़ा है।
बाजार में मिला मिला-जुला संकेत
जहां एक ओर घरेलू शेयर बाजार में तेजी और विदेशी निवेश से कुछ सहारा मिला, वहीं पश्चिम एशिया में अनिश्चितता और डॉलर की मजबूती ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
आगे क्या संकेत
विश्लेषकों का मानना है कि अगर डॉलर मजबूत बना रहता है और वैश्विक अनिश्चितताएं जारी रहती हैं, तो रुपये पर आगे भी दबाव बना रह सकता है। हालांकि कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से थोड़ी राहत जरूर मिल सकती है। Rupees Investment: रुपया 93 के पार: डॉलर मजबूत, RBI ढील और विदेशी निवेशकों की चाल से बढ़ी करेंसी में घबराहट